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कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक है कोरोना फोबिया, लोगों में कोरोना फोबिया का ज्यादा असर

टीम डिजिटल : कोरोना के वायरस से बचने के लिए फिलहाल ठंडे खाद्य पदार्थों से परहेज करना फायदेमंद साबित हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार ठंडे खाद्य पदार्थों पर वायरस तेजी से पनपते और बढ़ते हैं। इसके अलावा इम्युनिटी पावर भी कमजोर होती है। डॉक्टरों के अनुसार इन दिनों गर्म पानी पीना ज्यादा फायदेमंद रहता
  

कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक है कोरोना फोबिया, लोगों में कोरोना फोबिया का ज्यादा असर

टीम डिजिटल : कोरोना के वायरस से बचने के लिए फिलहाल ठंडे खाद्य पदार्थों से परहेज करना फायदेमंद साबित हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार ठंडे खाद्य पदार्थों पर वायरस तेजी से पनपते और बढ़ते हैं। इसके अलावा इम्युनिटी पावर भी कमजोर होती है।

डॉक्टरों के अनुसार इन दिनों गर्म पानी पीना ज्यादा फायदेमंद रहता है। आइसक्रीम जैसे ठंडे खाद्य पदार्थ नुकसान पहुंचा सकते हैं। दरअसल इनसे सीधा नुकसान तो नहीं है, लेकिन ये शरीर को कमजोर कर सकते हैं।

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इम्युनिटी कम होने से वायरस बहुत तेजी से हमला करते हैं, जिससे रोग तेजी से फैलता है। ठंडा और बासी खाना तेजी से वायरस को बढ़ाता है।

चिंता में बैंक कैशियर

कोरोना के खतरे को देखते हुए बैंक कैशियर भी चिंता में हैं। दरअसल उन्हें नोट गिनने होते हैं, जो अनगिनत हाथों से होकर गुजरे होते हैं। ऐसे में उन्हें डर सता रहा है कि इससे वायरस का अटैक न हो जाए।

डॉक्टरों के अनुसार नोट गिनते वक्त थूक लगाना नुकसान कर सकता है। नोट गिनने के बाद हाथों को लगातार सैनेटाइज करते रहे और हाथों को चेहरे पर लगाने से बचें।

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कोरोना फोबिया से खुद को रखें दूर

कोरोना से बचाव के लिए सावधानी बरतें, लेकिन अनावश्यक घबराएं नहीं। हल्की सर्दी-जुकाम होते ही कोरोना फोबिया से परेशान न हों। डॉक्टर से मिलें और उनकी सलाह के अनुसार दवा लें। खुद को तनावमुक्त रखकर कोरोना फोबिया से बचा जा सकता है।

इन दिनों लोगों में कोरोना फोबिया का असर ज्यादा

कोरोना से ज्यादा इन दिनों लोगों में कोरोना फोबिया का असर है। कोरोना के डर से लोग खौफ में हैं। हल्की सर्दी-जुकाम होते ही लोग अस्पतालों की तरफ दौड़ रहे हैं।

ज्यादातर लोग खुद में बीमारी के लक्षण महसूस कर रहे हैं जबकि असल में ऐसा है नहीं। यही कोरोना फोबिया है।

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इसमें मरीज किसी भी तरह की दिक्कत को कोरोना से जोड़कर खुद ही घबराने लगता है। मनोवैज्ञानिक डॉ. वीना कृष्णन के अनुसार लोग सुबह से शाम तक कोरोना के बारे में सुन रहे हैं।

हल्के-फुल्के लक्षण पर भी लोग घबरा रहे

टीवी, अखबार से लेकर दफ्तरों में और दोस्तों के बीच तक इसकी चर्चा हो रही है। ऐसे में हल्के-फुल्के लक्षण पर भी लोग घबरा रहे हैं। सतर्क रहकर बचाव अच्छी बात है, लेकिन इसे दबाव के रूप में महसूस करना ठीक नहीं।

डॉ. के अनुसार कोरोना फोबिया से बचाव के लिए आवश्यक है कि दिमाग को दूसरे कामों में व्यस्त रखें। स्वास्थ्य में किसी तरह की दिक्कत हो तो डॉक्टर से मिलें। खुद को सामान्य बनाए रखने का प्रयास करें। सुबह-शाम व्यायाम कर खुद को तनावमुक्त रखने का प्रयास करें।

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