"क्योंकि सच जानना आपका हक है"

×

कौन है वो जिसने ‘हिंदुस्तान में रहना है, तो वंदे मातरम कहना पड़ेगा’ बोलकर चला दी पुलिस के सामने ही गोली

नई दिल्ली : दिल्ली के जामिया इलाके में गुरुवार को CAA से जुड़े मार्च (राजघाट तक) से ऐन पहले एक युवक ने जमकर उत्पात मचाया। पिस्तौल लहराते युवक ने दौड़-दौड़ कर अन्य लोगों को धमकाया। वह इस दौरान चिल्ला रहा था, यह लो आजादी। यही नहीं, आगे उसने नारे लगाए, हिंदुस्तान में रहना है, तो
  

कौन है वो जिसने ‘हिंदुस्तान में रहना है, तो वंदे मातरम कहना पड़ेगा’ बोलकर चला दी पुलिस के सामने ही गोली

नई दिल्ली : दिल्ली के जामिया इलाके में गुरुवार को CAA से जुड़े मार्च (राजघाट तक) से ऐन पहले एक युवक ने जमकर उत्पात मचाया। पिस्तौल लहराते युवक ने दौड़-दौड़ कर अन्य लोगों को धमकाया। वह इस दौरान चिल्ला रहा था, यह लो आजादी।

यही नहीं, आगे उसने नारे लगाए, हिंदुस्तान में रहना है, तो वंदे मातरम कहना पड़ेगा। जानकारी के मुताबिक, उसने जय श्री राम और दिल्ली पुलिस जिंदाबाद, जामिया मिल्लिया मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। उसकी हवाई फायरिंग में एक छात्र जख्मी भी हुआ, जिसका नाम शादाब बताया जा रहा है। फिलहाल AIIMS ट्रॉमा सेंटर में उसका इलाज चल रहा है।

वैसे, पूरे प्रकरण में सबसे हैरत की बात है कि ये सब तब हुआ, जब वहां पुलिस मौजूद थी। आरोपी जब बंदूक लहराते हुए दौड़ रहा था, तब पुलिसकर्मी पीछे ही हाथ बांधे तमाशबीन बने रहे।

हालांकि, कुछ ही देर बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी ने बताया- पिस्तौल लहराने वाले युवक की पहचान 19 वर्षीय युवक के तौर पर की गई। और, कथित रूप से उसे नाबालिग बताया जा रहा है।

हमलावर ने उपद्रव से पहले एक फेसबुक पोस्ट में लिखा था, शाहीन बाग का खेल खत्म गोपाल ने इसके बाद दो फेसबुक लाइव भी किए थे। यह दोनों लाइव संभवतः उसके जामिया इलाके में पहुंचने से ऐन पहले के हैं।

घटना के बाद जामिया में छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। फायरिंग के बाद उन्होंने जमकर नारेबाजी की और बैरिकेड्स को गिरा दिया और उन्हें तोड़ने तक की कोशिश की। इसी बीच, आप ने इसे मुद्दा बनाया। ओखला से पार्टी विधायक अमानतुल्ला खान ने कहा कि यह केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के लोगों का किया धरा है।

वहीं, सीनियर नेता संजय सिंह भी बोले कि बीजेपी दिल्ली के चुनाव टलवाना चाहती है, इसलिए अमित शाह ने पुलिस के हाथ बंधवा दिए। बता दें कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के तहत आती है।

Share this story