जामिया में छात्रों के मार्च पर गोली चलाने वाले युवक के प्रति कोई सहानुभूति नहीं : चंदन गुप्ता के परिवार वाले
जामिया में छात्रों के मार्च पर गोली चलाने वाले युवक के प्रति कोई सहानुभूति नहीं : चंदन गुप्ता के परिवार वाले
जामिया में छात्रों के मार्च पर गोली चलाने वाले युवक के प्रति कोई सहानुभूति नहीं : चंदन गुप्ता के परिवार वाले
जामिया में छात्रों के मार्च पर गोली चलाने वाले युवक के प्रति कोई सहानुभूति नहीं : चंदन गुप्ता के परिवार वाले

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जामिया में छात्रों के मार्च पर गोली चलाने वाले युवक के प्रति कोई सहानुभूति नहीं : चंदन गुप्ता के परिवार वाले

कासगंज : साल 2018 में गणतंत्र दिवस के मौके पर ‘तिरंगा यात्रा’ निकालते समय मारे गए चंदन गुप्ता के परिवारवालों का कहना है कि 30 जनवरी को दिल्ली में जामिया में छात्रों के मार्च पर गोली चलाने वाले युवक के प्रति उनके मन में कोई सहानुभूति नहीं है. जामिया गोलीकांड का आरोपी फिलहाल पुलिस की
  

जामिया में छात्रों के मार्च पर गोली चलाने वाले युवक के प्रति कोई सहानुभूति नहीं : चंदन गुप्ता के परिवार वाले

कासगंज : साल 2018 में गणतंत्र दिवस के मौके पर ‘तिरंगा यात्रा’ निकालते समय मारे गए चंदन गुप्ता के परिवारवालों का कहना है कि 30 जनवरी को दिल्ली में जामिया में छात्रों के मार्च पर गोली चलाने वाले युवक के प्रति उनके मन में कोई सहानुभूति नहीं है.

जामिया गोलीकांड का आरोपी फिलहाल पुलिस की हिरासत में है और उसका कहना है कि उसने चंदन गुप्ता की हत्या का बदला लेने के लिए गोली चलाई थी.

युवक के फेसबुक पोस्ट में भी ‘चंदन भैया’ का जिक्र मिलता है. हालांकि अब पोस्ट मिटा दिया गया है. इस बीच, चंदन की मां संगीता गुप्ता ने जामिया में गोलीबारी की घटना की निंदा की है.

उन्होंने स्थानीय पत्रकारों से कहा, “मैं जामिया के प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने की घटना की कड़ी निंदा करती हूं. हम एक अहिंसक समाज में रहते हैं और यहां प्रदर्शन हमेशा शांतिपूर्ण ढंग से होने चाहिए. मैंने हिंसा की इसी तरह की एक घटना में अपने बेटे को खो दिया है.”

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हिंसा में ही अपने बेटे को खोया है और इसलिए वह इसे ठीक नहीं मानती हैं. संगीता ने कहा, “मैं किसी भी प्रकार की हिंसा को सही नहीं मानती हूं.”

परिवार के एक अन्य सदस्य ने कहा, “जामिया में जो कुछ भी हुआ वह गलत है. अभियुक्त को समर्थन नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि इससे दूसरों को भी उसी राह पर चलने की प्रेरणा मिलेगी.”

साल 2018 में कासगंज में गणतंत्र दिवस के मौके पर चंदन गुप्ता और उनके दोस्त ‘तिरंगा रैली’ निकाल रहे थे और रैली के लिए रास्ता खाली करने की बात पर विवाद खड़ा हो गया. इसी विवाद ने धीरे-धीरे हिंसा का रूप ले लिया, जिसमें गोली चलने से 22 वर्षीय चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद कासगंज में सांप्रदायिक दंगा भड़क उठा था.

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