सिर्फ लडकियाँ पढ़े : लडकियाँ खुद भी नहीं जानती अपने शरीर के बारे में यह बातें
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"क्योंकि सच जानना आपका हक है"

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सिर्फ लडकियाँ पढ़े : लडकियाँ खुद भी नहीं जानती अपने शरीर के बारे में यह बातें

टीम डिजिटल : लड़कियों के शरीर से जुड़ी कुछ ऐसी रोचक बातों के बारे में जिनको खुद लड़कियां भी नहीं जानती आज के वर्तमान युग में लड़की और लड़के को बराबर माना जाता है लेकिन कुछ बातों में लड़की ज्यादा लड़कियों से आगे निकल जाते हैं और कुछ में लड़कियां लेकिन आज जो मैं आपको
  

सिर्फ लडकियाँ पढ़े : लडकियाँ खुद भी नहीं जानती अपने शरीर के बारे में यह बातें

टीम डिजिटल : लड़कियों के शरीर से जुड़ी कुछ ऐसी रोचक बातों के बारे में जिनको खुद लड़कियां भी नहीं जानती आज के वर्तमान युग में लड़की और लड़के को बराबर माना जाता है लेकिन कुछ बातों में लड़की ज्यादा लड़कियों से आगे निकल जाते हैं और कुछ में लड़कियां लेकिन आज जो मैं आपको बताने जा रही हूं वह लड़कियों के बारे में कुछ ऐसी बातें हैं जिनको वह खुद भी नहीं जानती.

सबसे पहली बात दिल का धड़कना, लड़कियों में दिल का धड़कना लड़कों से ज्यादा होता है उनकी हृदय की धड़कन लड़कों से ज्यादा बार धड़कती है यही कारण है कि कोई भी मुश्किल या परेशानी आने पर अगर आपको दिक्कत हो रही है उसे समाधान करने की तो आप अपनी पत्नी या मां की मदद लेकर उसको आप तुरंत हल कर सकते हैं.

दूसरी बात है शारीरिक क्षमता जो कि एक महीना में ज्यादा होती है और वह काम करने में भी बहुत निपुण होती है एक महिला पूरे दिन में अनेक काम एक साथ कर सकती है लेकिन एक पुरुष खाली दो या तीन काम ही एक साथ कर पाते हैं लड़कियां मल्टी टास्किंग होती है.

शरीर का लचीलापन लड़कियों में लड़कों के मुकाबले ज्यादा होता है इसलिए लड़कियां ज्यादा फ्लैक्सिबल होती है और उनमें स्टैमिना भी ज्यादा होता है और वह शारीरिक व्यायाम करने में भी अधिक सक्षम है.

दर्द सहन करने की क्षमता भी लड़कियों में लड़कों की अपेक्षा ज्यादा होती है इसलिए ही वह पीरियड के दौरान होने वाले भयंकर दर्द को भी सहन कर लेती है और मां बनने के दौरान होने वाले दर्द को भी सहन कर लेती है लेकिन पुरुष इतना दर्द सहन नहीं कर पाते अगर पुरुषों को इतना दर्द होता है तो हो सकता है कि वह बेहोश हो जाएं.

महिलाओं में स्वाद को चखने की क्षमता भी पुरुषों के मुकाबले अधिक होती है और वह किसी भी अलग-अलग प्रकार के टेस्ट को याद रख सकती है इसलिए ही लड़कियां ज्यादा अच्छा खाना बनाती है. महिलाओं के गर्भाशय का आकार एक संतरे के समान होता है लेकिन जब वह बच्चे को जन्म देने वाली होती है तो वह बड़ा होकर एक तरबूज के आकार का हो जाता है.

किसी व्यक्ति के चेहरे को याद रखने में भी लड़कियां बहुत ही माहिर होती है क्योंकि यह जब किसी भी व्यक्ति से मिलती है तो उसके फीचर बहुत ही गौर से देखती है इसलिए उनको आपने कोई पुराने दोस्त या सहेली कई सालों के बाद मिलती है तब भी वह पहचान लेती है.

लड़कियों में रंग को चुनने की भी क्षमता अधिक होती है लड़कियों को अधिक रंग विभिन्न रंगों में दिखाई देते हैं और वह अलग-अलग रंगों में पहचान भी लड़कों की अपेक्षा ज्यादा कर सकती है. लड़कियों में सुनने की क्षमता भी लड़कों से ज्यादा होती है .

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