दिल्ली विधानसभा चुनाव : बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय भी कर रहे आप के लिए प्रचार
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दिल्ली विधानसभा चुनाव : बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय भी कर रहे आप के लिए प्रचार

"क्योंकि सच जानना आपका हक है"

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दिल्ली विधानसभा चुनाव : बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय भी कर रहे आप के लिए प्रचार

नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के लिए स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय भी प्रचार कर रहे हैं, उनका मानना है कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल शहर में बदलाव लाएंगे। सैकड़ों एनआरआई शहर में आप के प्रचार के लिए सड़कों पर उतर आए हैं और
  

दिल्ली विधानसभा चुनाव : बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय भी कर रहे आप के लिए प्रचार

नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के लिए स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय भी प्रचार कर रहे हैं, उनका मानना है कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल शहर में बदलाव लाएंगे।

सैकड़ों एनआरआई शहर में आप के प्रचार के लिए सड़कों पर उतर आए हैं और 8 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय राजधानी में जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।

मीडिया से बात करते हुए, आप के विदेश प्रकोष्ठ के संयोजक पृथ्वी रेड्डी ने कहा कि 500 एनआरआई दिल्ली में हैं, जो जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय पार्टी के प्रचार में हिस्सा ले रहे हैं और आप के लिए वोट मांग रहे हैं, स्वयंसेवकों का प्रबंधन कर रहे हैं और पार्टी के लिए सभी तरह के कार्य कर रहे हैं।

रेड्डी ने कहा कि जहां कुछ एनआरआई चुनाव के आखिरी चरण में दिल्ली आए हैं, जबकि कई अन्य पिछले दो-तीन महीनों से शहर में हैं।

रेड्डी ने कहा, “प्रवासी भारतीयों का समर्थन ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ के साथ शुरू हुआ। मुझे लगता है कि वे (एनआरआई) आम आदमी पार्टी को आशा की किरण के रूप में देखते हैं। लोग विदेश जाते हैं, क्योंकि यह उन्हें एक बेहतर अवसर और बेहतर जीवन स्तर प्रदान करता है। हालांकि, वे हमेशा वहां एक दूसरे दर्जे के नागरिक रहेंगे। वे वहां एक बाहरी व्यक्ति की तरह महसूस करते हैं, इसलिए वे महसूस करते हैं और चाहते हैं कि उन्हें घर वापस जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि आप उन्हें उम्मीद देती है कि यह देश को विकास की ओर अग्रसर करेगी, ताकि एनआरआई देश लौट सकें और उसी जीवन स्तर का आनंद ले सकें, जो वे विदेश में उठाते हैं।

विकसित राष्ट्रों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि विदेशों में करों का भुगतान तब करना पड़ता है जबकि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखती है। “आपको फिर से भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन यहां (भारत में), आप करों का भुगतान करते हैं और फिर महंगी स्कूल फीस और अस्पताल के बिलों का भुगतान करते हैं।”

उन्होंने कहा कि आप समर्थक पार्टी और केजरीवाल के नेतृत्व में विश्वास कायम रखना चाहते हैं, क्योंकि इसने वादों को पूरा किया है।

रेड्डी ने कहा, “(प्रधानमंत्री) मोदी 2014 के चुनाव के दौरान आशा और एक उभरते हुए सितारे थे। लेकिन, सभी ने देखा है कि पांच साल बीत गए, लेकिन उन्होंने वादों को पूरा नहीं किया। लेकिन आप ने अपने वादे पूरे किए और जितना वादा किया उससे कहीं ज्यादा मेहनत की।”

उन्होंने कहा कि जनता महसूस कर सकती है कि आप छोटे पैमाने पर ही सही, देश में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

रेड्डी ने कहा, “आप की स्थापना के बाद से, चुनावी फंडिंग का लगभग 20 प्रतिशत विदेशी समर्थकों से आया, जिसमें कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात के लोग शामिल हैं।”

रेड्डी द्वारा दी गई जानकारी में जोड़ते हुए, कनाडा के वैंकूवर में रहने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर कमल गर्ग ने मीडिया को बताया कि फंडिंग और समर्थन इतने छोटे देशों से आ रहा है कि “हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं कि पार्टी को इतनी दूर के जगहों से समर्थन मिल सकता है।”

रेड्डी का कहना है कि प्रवासी भारतीय इसे देश में निवेश के रूप में देखते हैं।

गर्ग के बारे में रेड्डी ने कहा कि पंजाबी होने के नाते, गर्ग शहर में लगभग 500 पंजाबी स्वयंसेवकों का प्रबंधन कर रहे हैं।

गर्ग ने बताया कि उन्होंने 2017 के पंजाब विधानसभा चुनावों में भी योगदान दिया था।

पंजाब के मोगा से ताल्लुक रखने वाले गर्ग ने कहा कि वह आईएसी के गठन के बाद से आप का हिस्सा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मैं आईएसी के दौरान एक स्वयंसेवक था। इसके तुरंत बाद, मैं कनाडा चला गया। लेकिन, मैं अरविंद (केजरीवाल) और उनके काम का अनुसरण करता रहा।”

उन्होंने कहा कि विदेशी स्वयंसेवक विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से यहां पार्टी से जुड़े रहते हैं।

उन्होंने कहा कि यह प्रवासी भारतीयों की इच्छा है कि केजरीवाल एक दिन प्रधानमंत्री बनें। भले ही यह एक साल में हो या 20 साल हो। हम उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहेंगे।

उन्होंने समझाया कि यह सिर्फ एक भावनात्मक इच्छा नहीं है, बल्कि राष्ट्र के लिए अरविंद की योजनाएं एक विकसित भारत की योजनाएं हैं। भारत ध्रुवीकरण के साथ एक विकसित राष्ट्र नहीं हो सकता है। इसे शिक्षा के साथ विकसित किया जाएगा। लोग शिक्षित हुए बिना संविधान को नहीं पढ़ और समझ सकते हैं। लोग अगर शिक्षित हैं तो इसे पढ़ेंगे और समझेंगे।

रेड्डी ने कहा कि सभी प्रवासी भारतीय एक दिन राष्ट्र वापस लौटना चाहते हैं, लेकिन अवसर की कमी और बेहतर जीवनशैली उन्हें ऐसा करने से रोकती है।

कनाडा में आप की संयोजक जसकीरत कौर ने भी केजरीवाल के एक दिन प्रधानमंत्री बनने की कामना की।

आप की विदेश प्रकोष्ठ की सह-संयोजक प्रीति मेनन ने बताया कि अनिवासी भारतीयों का एक सपना है कि भारत भी उन देशों या शहरों के रूप में विकसित हो जाए जहां वे रह रहे हैं।

उन्होंने कहा, “अरविंद ने विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा और मुफ्त शिक्षा प्रदान करके उनके सपने को साकार करने में कामयाबी हासिल की है। अनिवासी भारतीय चाहते हैं कि जिस तरह से अरविंद ने शहर में सुधार किया है, एक दिन वह देश को भी बेहतर बनाएंगे।”

राष्ट्रीय राजधानी में 8 फरवरी को मतदान है और एनआरआई भी चुनाव प्रचार में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं।

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