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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने रविवार को स्वास्थ्य बजट को दिया ‘प्रभावहीन’ करार, जानिये किस चीज़ से दिखे खफा

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने रविवार को स्वास्थ्य बजट को दिया 'प्रभावहीन' करार, जानिये किस चीज़ से दिखे खफा

नई दिल्ली : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने रविवार को स्वास्थ्य बजट को ‘प्रभावहीन’ करार दिया। एसोसिएशन के अनुसार, 6,600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन में से आधा (69 हजार करोड़ रुपये 2020, 62,398 करोड़ रुपये 2019) मुद्रास्फीति की लागत को पूरा करने में चला जाएगा।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर राजन शर्मा ने कहा, “आयुष्मान भारत के घाटे का वित्तपोषण जारी है। जबकि आयुष्मान भारत के तहत प्रभावी देखभाल प्रदान करने के लिए कम से कम 1,60,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। वर्तमान में प्रदान की गई धनराशि इस योजना के लिए कम है।”

उन्होंने आगे कहा, “आयुष्मान भारत में दावा किए गए 20 हजार अस्पतालों में से 80 प्रतिशत से अधिक सरकारी अस्पताल हैं।”

शर्मा ने सुझाव दिया, “आईएमए सिविल अस्पतालों के निगमीकरण से असहमत है। सरकार को चाहिए कि वह इस फैसले पर फिर से विचार करे।”

आईएमए के महासचिव आर. वी. अशोकन ने आईएएनएस को बताया कि नर्सो के लिए ब्रिज कोर्स डॉक्टरों की कमी की समस्या का गलत समाधान है। उन्होंने कहा, “चिकित्सा और नर्सिग दो अलग-अलग पेशे हैं। उनकी सेवाएं समानांतर और सिंक्रनाइज हैं। ब्रिज (कोर्स) एक डिजास्टर होगा।”

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