PMGKAY: राशन कार्डधारकों के लिए खुला खजाने का पिटारा, जानिए कितने महीने तक फ्री मिलेगा गेंहू, चावल और तेल

सितंबर 2022 में PMGKAY स्कीम का छठवां चरण समाप्त हो रहा है यानि इस महीने के बाद PMGKAY स्कीम के तहत फ्री में अन्न (गेहूं-चावल) वितरित होना बंद हो जाएगा।
PMGKAY: राशन कार्डधारकों के लिए खुला खजाने का पिटारा, जानिए कितने महीने तक फ्री मिलेगा गेंहू, चावल और तेल

कोरोना वायरस संक्रमण महामारी में केंद्र व राज्य सरकारों ने गरीबों को फ्री राशन देकर बड़ी मदद करने का काम किया था, जो अभी तक जारी है। मोदी सरकार द्वारा द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गरीबों को अभी तक फ्री राशन दे रही है, जिससे करोड़ों लोगों का पेट भर रहा है।

इस योजना पर अब सितंबर के आखिर में विराम लगना है, क्योंकि यह फैसला सरकार पहले ही ले चुकी है। इस बीच सरकारी विभाग में एक और सुगबुगाहट तेजी से चल रही है। चर्चा है कि केंद्र सरकार अब जल्द ही इस योजना को 6 महीने आगे बढ़ाने का आदेश जारी कर सकती है।

जिसे लेकर लोगों में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। सरकार ने अभी आधिकारिक तौर पर तो अभी ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है, लेकिन मीडिया की खबरों में यह बड़ा दावा किया जाने लगा है। अगर सरकार यह बड़ा फैसला लेती है, तो वित्तीय राजकोष पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा।

सरकार पर बढ़ जाएगा इतना बोझ :

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्य योजना को अगर अक्टूबर से अगले 6 महीने यानि मार्च तक के लिए बढ़ाया जाता है तो केंद्र सरकार पर आर्थि बोझ बढ़ जाएगा। सरकार पर 90 हज़ार करोड़ का बोझ पड़ने की उम्मीद लग रही है।

अगर खुले बाजार को देखें तो बिक्री किए जाने की योजना के लिए या इथेनॉल ब्लेडिंग प्रोग्राम और अन्य जरूरतों के लिए चावल का स्टॉक भी लगभग खत्म हो गया है। इतना ही नहीं अगर 7वीं बार बढ़ाई गई तो बफर से चावल का स्टॉक भी कम हो जाएगा।

पिछले करीब 20 साल में ऐसा पहली बार होगा. वित्त वर्ष 2022-23 के अक्टूबर-मार्च तक PMGKAY के तहत फ्री अन्न वितरण (गेहूं-चावल) किए जाने के कारण बफर स्टॉक में चावल की बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी।

जानिए क्या है कमी :

जानकारी के लिए बता दे कि 7वीं बार PMGKAY स्कीम को बढ़ाया जाता तो 1 अप्रैल, 2023 को सेंट्रल पूल में गेहूं के स्टॉक को 74 लाख टन बफर स्टॉक के मुकाबले 90-93 लाख टन तक कम कर दिया जाएगा।

सितंबर 2022 में PMGKAY स्कीम का छठवां चरण समाप्त हो रहा है यानि इस महीने के बाद PMGKAY स्कीम के तहत फ्री में अन्न (गेहूं-चावल) वितरित होना बंद हो जाएगा।

वित्त मंत्रालय ने क्या कहा :

आपको बता दे कि 2020 अप्रैल से PMGKAY स्कीम पर केन्द्र सरकार द्वारा 316 करोड़ रूपये से ज्यादा खर्च किए जाने की संभावना लगाई जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने पहले ही इस फ्री राशन योजना की बजटीय लागत पर गंभीर चिंता जताई गई है।

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