10 लाख खाली छतों में लगेगा सोलर प्लांट, मिलेगी बम्पर सब्सिडी

केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना के पहले चरण में सरकार को इसका संतोषजनक रिस्पांस नहीं मिला, जिसके बाद अब सरकार दूसरे चरण में इसे नए बदलाव के साथ लेकर आई है। 
10 लाख खाली छतों में लगेगा सोलर प्लांट, मिलेगी बम्पर सब्सिडी

केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना के पहले चरण में सरकार को इसका संतोषजनक रिस्पांस नहीं मिला, जिसके बाद अब सरकार दूसरे चरण में इसे नए बदलाव के साथ लेकर आई है।

इसके तहत सरकार इस योजना में 10 लाख से ज्यादा परिवारों को जोड़ना चाहती है और उनके जरिए 4000 मेगावाट सोलर बिजली उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रही है। दूसरे चरण में सरकार की कोशिश है कि आम लोगों को ऑनलाइन ही सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन की सुविधा मिल जाए।

इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने नया पोर्टल भी लॉन्च किया है जहां आम उपभोक्ता अपने घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए वेंडर से लेकर सब्सिडी आदि की सारी सुविधाएं ऑनलाइन ले सकते हैं।

इस तरह मिलती है सब्सिडी

# केंद्र सरकार 1 किलोवाट से लेकर 3 किलोवाट तक की क्षमता वाले प्लांट पर 40 फीसदी की सब्सिडी देती है।

# 3 किलोवाट से ज्यादा और 10 किलोवाट तक की क्षमता वाले प्लांट पर 20 फीसदी सब्सिडी दी जाती है।

पहले चरण में नहीं मिला संतोषजनक रिस्पांस

केंद्र सरकार जिस मकसद से इस योजना को लेकर आई थी वैसा पहले चरण में देखने को नहीं मिला। सब्सिडी के बावजूद लोगों ने घरों में सोलर प्लांट नहीं लगाए। इसी वजह से 21 दिसंबर 2021 को नवीन और नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय के सचिव ने भी राज्यों के प्रमुख सचिवों को पत्र लिखकर इस बात पर चिंता जताई।

पत्र में यह बात कही गई कि लोगों को इस योजना के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। इसके लिए योजना का प्रचार-प्रसार करने के साथ-साथ लोगों को सोलर सब्सिडी योजना के फायदे गिनाए जाएं। अब इन्हीं बदलावों के साथ दूसरे चरण को लांच किया गया है।

ऑनलाइन मिलेगी सुविधा

नए बदलाव के बाद अब उपभोक्ताओं के पास स्थानीय डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के साथ पंजीकृत किसी वेंडर, सोलर माड्यूल्स, सोलर इनवर्टर और अन्य प्लांट्स एवं उपकरण चुनने का विकल्प होगा। इसके साथ ही डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के साथ वेंडर्स के पंजीकरण की प्रक्रिया को भी आसान बना दिया गया है।

लोग अब ऑनलाइन भर बैठे सोलर प्लांट सब्सिडी योजना के लिए अप्लाई कर सकते हैं। साथ ही पंजीकरण से लेकर सब्सिडी की राशि की ट्रैकिंग भी ऑनलाइन की जा सकती है।

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