महिलाओं के लिए बड़ी राहत! सरकार का ऐतिहासिक फैसला, अब हर साल मिलेंगे 3 मुफ्त गैस सिलेंडर

महाराष्ट्र सरकार ने सदन में साल 2024-2025 का बजट पेश किया, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव की भी झलक साफ दिखाई दी।
महिलाओं के लिए बड़ी राहत! सरकार का ऐतिहासिक फैसला, अब हर साल मिलेंगे 3 मुफ्त गैस सिलेंडर

आपने चुनाव के दौरान नेताओं को महिलाओं के लिए बड़े-बड़े दावे करते देखा होगा। जब दावे ही सच होने लगे तो फिर महिलाओं के अच्छे दिन की शुरुआत ही मानी जाए तो इसमें कोई अचंभा नहीं होना चाहिए। अब महिलाओं को हर साल तीन एलपीजी सिलेंडर फ्री में मिल जाएंगे। महिलाएं इसका बड़े स्तर पर फायदा उठा सकती हैं, जिसके लिए आपको कुछ जरूरी बातों को जानना होगा।

इतना ही नहीं इसके अलावा गरीब परिवार की महिाओं को हर महीना 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह ऐलान महाराष्ट्र की सरकार ने बजट पेश करते हुए किया है। राज्य के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री अजित पवार ने बजट पेश करते हुए यह चौंकाने वाले ऐलान किए हैं। कुछ महीने बाद अब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसे लेकर हर किसी की निगाहें टिकी हुई हैं।

महिलाओं को मिलेंगे तीन गैस सिलेंडर

महाराष्ट्र सरकार ने सदन में साल 2024-2025 का बजट पेश किया, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव की भी झलक साफ दिखाई दी। महिलाओं से लेकर किसानों और मजदूरों को लुभाने की पूरी कोशिश की गई है। वित्त मंत्री अजित पवार ने सदन में बजट पेश करते हुए महिलाओं के लिए खजाने का पिटारा खोल दिया।

अब गरीब परिवारों की महिलाओं की हर महीना 1500 रुपये और साल में तीन सिलेंडर सहित किसानों के लिए कर्ज में राहत का ऐलान भी कर दिया है। इससे महिलाओं के चेहरे पर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही अजित पवार ने बजट पेश करते हुए 21 से 60 वर्ष की आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक भत्ता देने वाली वित्तीय सहायता योजना का ऐलान कर सबका दिल जीत लया।

इस योजना को को जल्द ही लागू भी कर दिया जाएगा, क्योंकि अक्टूबर महीने में राज्य में विधानसभा चुनाव होना है। उन्होंने कहा कि इस योजना पर वित्तीय साल में 46,000 करोड़ रुपये बजट खर्च होगा।

किसानों को भी मिला तगड़ा तोहफा

महाराष्ट्र विधानसभा मानसून सत्र में कुछ बड़े ऐलान किए गए हैं। राज्य रकार ने बजट पेश करते हुए राज्य में करीब 44 लाख किसानों को बिजली बिल का बकाया माफ करने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही पवार ने कहा कि फसल क्षति के लिए मुआवजे के रूप में देय अधिकतम राशि पहले 25,000 रुपये थी। इसे बढ़ाकर अब दोगुना यानी 50,000 रुपये करने का फैसला लिया गया है।

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