बेटी की शिक्षा और शादी की चिंता छोड़ें, सरकार दे रही है ब्याज सहित मोटी रकम!

आज हम आपको सरकार की एक शानदार स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर निवेश कर आप अपनी बेटी के भविष्य को सेफ रख सकते हैं. 
बेटी की शिक्षा और शादी की चिंता छोड़ें, सरकार दे रही है ब्याज सहित मोटी रकम!

SSY Scheme : बिटियां के जन्म के बाद माता-पिता को उसकी शादी और पढ़ाई लिखाई की काफी चिंता होती है। ऐसे में काफी बार माता-पिता अपनी बेटी के आने वाले भविष्य को सेफ रखने के लिए कुछ न कुछ पैसे जमा करते हैं।

बहराल महंगाई इतनी जोरो से बढ़ रही है इस हाल में सेविंग के पैसों को बैंक खाते में जमा करना काफी समझदारी नहीं है। आपको अपने सिविं के पैसों को किसी अच्छी जगह पर निवेश करना चाहिए।

आज हम आपको सरकार की एक शानदार स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर निवेश कर आप अपनी बेटी के भविष्य को सेफ रख सकते हैं. सरकार की इस स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर हम निवेश करके आप अपनी बेटी के भविष्य को सेफ रख सकते हैं।

सरकार की इस स्कीम का नाम एसएसवाई यानि कि सुकन्या समृद्धि स्कीम है। ये स्कीम देश में काफी पॉपुलर है। एसएसवाई स्कीम की शुरुआत साल 2015 में हुई थी। इस स्कीम में निवेश करने पर वर्तमान में आपको 8.2 फीसदी की दर से ब्याज प्राप्त हो रहा है।

एसएसवाई स्कीम में माता-पिता अपनी बेटी की आयु 10 साल पूरी होने से पहले खाता ओपन करा सकते हैं। इस स्कीम में माता-पिता अपनी बेटी का खाता ओपन कराने के लिए 15 सालों के बाद निवेश कर सकते हैं। 15 सालों के निवेश के बाद 6 सालों का लॉक इन पीरियड होता है।

लॉक इन पीरियड में आपको निवेश नहीं करना होता है। बहराल इस समय आपको ब्याज दर भी मिलती है। एसएसवाई स्कीम के तहत बेटी के 18 साल होने के बाद मैच्योरिटी की रकम का आप 50 फीसदी निकाल सकते हैं।

वहीं बची हुई राशि को आप अपनी बेटी के 21 साल होने के बाद आसानी से विड्रॉल कर सकते हैं। एसएसवाई स्कीम में निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स में छूट भी मिलती है। इस स्कीम में आप मिनिमम 250 रुपये और मैक्जिमम 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं।

अगर आप अपनी बेटी का खाता एसएसवाई स्कीम में ओपन कराना चाहते हैं तो इस स्कीम में खाता ओपन कराने का प्रोसेस काफी आसान हो जाता है। आप अपने पास के बैंक या फिर पोस्ट ऑफिस में विजिट करके आसानी से इस स्कीम में अपना अकाउंट ओपन कर सकते हैं।

Share this story