ऐसे लक्षण देते है आयरन की कमी के संकेत, इन तीन चीजों को करें अपनी खुराक शामिल

इसमें होने वाली कमी का अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों रूपों में नकारात्मक असर देखा जा सकता है। शरीर के लिए आयरन ऐसा ही एक अति आवश्यक खनिज है जो हीमोग्लोबिन बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
ऐसे लक्षण देते है आयरन की कमी के संकेत, इन तीन चीजों को करें अपनी खुराक शामिल

क्या हम अपने आहार से शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्वों की पूर्ति कर पा रहे हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को खुद से यह सवाल जरूर पूछते रहना चाहिए। शरीर को स्वस्थ और कार्यशील रहने के लिए कई प्रकार के विटामिन्स और खनिजों की आवश्यकता होती है।

इसमें होने वाली कमी का अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों रूपों में नकारात्मक असर देखा जा सकता है। शरीर के लिए आयरन ऐसा ही एक अति आवश्यक खनिज है जो हीमोग्लोबिन बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।

हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद होता है जो शरीर के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। ऐसे में शरीर में आयरन की होने वाली कमी का असर कई प्रकार से सेहत को प्रभावित कर सकता है।

आहार विशेषज्ञ कहते हैं, हम सभी के लिए जरूरी है कि आयरन से भरपूर भोजन का सेवन करें, ताकि शरीर में इस मिनरल की कमी न होने पाए। शरीर में आयरन की कमी से रक्त का स्तर कम हो सकता है जो आगे चलकर कई प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताओं को जन्म दे सकता है।

भारतीय महिलाओं में यह समस्या काफी सामान्य देखी जाती रही है। आइए जानते हैं कि इस पोषक तत्व की आसानी से आहार के माध्यम से कैसे पूर्ति की जा सकती है?

आयरन की कमी से होने वाली समस्याएं

आयरन की कमी से एनीमिया होने का खतरा सबसे अधिक होता है। पर्याप्त आयरन के बिना, आपका शरीर लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन नहीं कर पाता है जो उन्हें ऑक्सीजन (हीमोग्लोबिन) ले जाने में सक्षम बनाती हैं।

नतीजतन, आयरन की कमी के कारण आपको थकान और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं का खतरा सबसे अधिक होता है। इसके अलावा समय के साथ यह कमी त्वचा में पीलापन, चक्कर आने, पैरों में झुनझुनी, जीभ में सूजन या दर्द और हाथ-पैर के ठंडे होने जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। 

आयरन का स्रोत है पालक

पालक कई प्रकार से सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है। आयरन की पूर्ति के साथ यह कई अन्य पोषक तत्वों की भी शरीर की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकता है। आंकड़ों के मुताबिक 100 ग्राम कच्चे पालक में 2.7 मिलीग्राम आयरन होता है जो आपकी दैनिक आवश्यकताओं की 15 फीसदी तक की पूर्ति कर सकता है। पालक विटामिन सी से भी भरपूर होता है, विटामिन-सी आयरन के अवशोषण को बढ़ा देता है।

बीन्स और चने

आहार विशेषज्ञ बताते हैं, सेम, दाल, छोले, मटर और सोयाबीन आदि का भी सेवन करके शरीर के लिए आवश्यक आयरन की पूर्ति की जा सकती है। खासकर शाकाहारियों के लिए ये सबसे बेहतर स्रोत हो सकते हैं। सफेद और काले चने न सिर्फ प्रोटीन की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सहायक हैं, साथ ही इससे आयरन की भी जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सकता है। 

रेड मीट का सेवन

आयरन के सबसे अच्छे स्रोतों में रेड मीट सबसे प्रमुख रहा है। रेड मीट, प्रोटीन, कॉपर, सेलेनियम और विटामिन-बी के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि जो लोग मांसाहार के सेवन करते हैं, उनमें आयरन की कमी होने की आशंका कम होती है। हालांकि रेड मीट का अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है, इसका संयमित मात्रा में ही सेवन किया जाना चाहिए।

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