चार धाम यात्रा: एक सप्ताह में 21 लोगों की हृदय गति रुकने से हुई मौत, सकते में प्रशासन

चार धाम यात्रा: एक सप्ताह में 21 लोगों की हृदय गति रुकने से हुई मौत, सकते में प्रशासन


-यात्रा पर जाने से पहले सभी यात्री अपना स्वास्थ्य परीक्षण करवाएं : अपर आयुक्त

ऋषिकेश,10 मई (हि.स.)। चार धाम यात्रा प्रारंभ होने के एक सप्ताह के अंदर अब तक 21 लोगों की हृदय गति रुकने से मौत हो चुकी है। इसके कारण प्रशासन सकते में आ गया है, जिसे देखते हुए हरिद्वार और ऋषिकेश में प्रशासन ने चार धाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को निर्देशित किया है कि वह स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही यात्रा पर जाएंं।

मंगलवार को ऋषिकेश में अपर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने आईएसबीटी पर चार धाम यात्रा के दौरान की गई व्यवस्थाओं का मुआयना करने के बात पत्रकारों को बताया कि कोरोना का काल के दौरान यात्रा में आए व्यवधान के बाद चार धामों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इस दौरान एक सप्ताह के अंदर 21 लोगों की हृदय गति रुकने से मौत होना एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।

उन्होंने बताया कि इसे देखते हुए हरिद्वार और ऋषिकेश में सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से यात्रियों को आगाह किया जा रहा है कि वह यात्रा पर जाने से पहले अपना पूरी तरह से स्वास्थ्य परीक्षण करवाएं ,जिससे इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकेगा। क्योंकि चारों धामों में ऑक्सीजन की भी कमी हैै।उन्होंने संभावना व्यक्त की है कि यह दुर्घटनाएं हो सकता है कि कोरोना काल के दौरान आमजन में इम्यूनिटी क्षमता कम होना भी हो सकता है।

हरिद्वार में राज्य सरकार के निर्देश पर यात्रियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्वास्थ्य केंद्रों को स्थापित किया गया है। इनमें सभी को यात्रा प्रारंभ करने से पहले स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाना अनिवार्य है। अपर आयुक्त ने मंगलवार को आईएसबीटी पर शासन की ओर से की गई चार धाम यात्रा संबंधी सभी व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण भी किया।

हिन्दुस्थान समाचार/विक्रम

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