डीसीडब्ल्यू ने तीनों निगमों से स्कूलों से जुड़े सुरक्षा उपायों की मांगी जानकारी

डीसीडब्ल्यू ने तीनों निगमों से स्कूलों से जुड़े सुरक्षा उपायों की मांगी जानकारी


नई दिल्ली, 10 मई (हि.स.)। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने तीनों नगर निगमों को समन जारी कर छात्र छात्राओं की सुरक्षा के लिए स्कूलों द्वारा किए गए उपायों के बारे में जानकारी मांगी है। डीसीडब्ल्यू ने यह कदम पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित एक स्कूल में छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न की घटना की पृष्ठभूमि में उठाया है।

डीसीडब्ल्यू को दिल्ली के भजनपुरा इलाके में नगर निगम द्वारा संचालित एक प्राथमिक विद्यालय के अंदर छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न की शिकायत मिली थी। स्कूल की सभा के बाद छात्राएं कक्षा के अंदर अपने शिक्षक का इंतजार कर रही थीं, तभी एक अज्ञात व्यक्ति कक्षा में घुस आया और कुछ छात्राओं का यौन शोषण किया। इस संबंध में डीसीडब्ल्यू ने पूर्वी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त को समन जारी किया था।

निगम के अधिकारी डीसीडब्ल्यू के सामने पेश हुए और बताया कि उनके किसी भी स्कूल में दिन के समय में सुरक्षा गार्ड नहीं होते हैं। उन्होंने डीसीडब्ल्यू को यह भी बताया कि 232 स्कूलों में से केवल 15 स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे हैं, वह भी चारदीवारी पर और कक्षाओं के बाहर लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सभी स्कूलों की चार दीवारी पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव अंतिम चरण में है।

डीसीडब्ल्यू ने स्कूलों में दिन के समय सुरक्षा गार्डों की अनुपस्थिति और स्कूलों में सीसीटीवी कैमरों की कमी पर कड़ा संज्ञान लिया है। डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल ने कहा कि कक्षाओं सहित स्कूलों में सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी की कमी बिलकुल भी स्वीकार्य नहीं है क्योंकि इसका स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है।

डीसीडब्ल्यू ने दिल्ली के भजनपुरा में एमसीडी स्कूल में लड़कियों के यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली पुलिस को भी नोटिस जारी किया था और स्कूल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। दिल्ली पुलिस द्वारा प्रस्तुत एक जवाब में डीसीडब्ल्यू को बताया गया है कि मामले की रिपोर्ट पुलिस को नहीं करने के लिए स्कूल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीसीडब्ल्यू को सूचित किया गया है कि इसके लिए पोस्को अधिनियम के तहत प्राथमिकी में संबंधित धाराएँ जोड़ी गई हैं।

पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा दी गई जानकारी पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने तीनों निगमों के आयुक्तों को समन जारी कर छात्रों की सुरक्षा की स्थिति की जानकारी मांगी है। डीसीडब्ल्यू ने प्रत्येक निगम द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों का पूरा ब्योरा मांगा है। डीसीडब्ल्यू ने विद्यालय में दिन के समय उपस्थित सुरक्षा गार्डों की जानकारी सहित सभी विद्यालयों में सुरक्षा गार्डों की शीघ्र नियुक्ति के लिए उठाये गये कदमों की जानकारी मांगी है।

डीसीडब्ल्यू ने स्कूलों में लगे सीसीटीवी कैमरे, कक्षाओं के अंदर कैमरे लगाने की समय सीमा और स्कूलों की चारदीवारी की स्थिति की जानकारी भी मांगी है। डीसीडब्ल्यू ने स्कूलों के अंदर यौन उत्पीड़न की शिकायतों से निपटने के लिए नगर निगम द्वारा स्थापित तंत्र की जानकारी भी मांगी है।

इसके अलावा, डीसीडब्ल्यू ने स्कूल के कर्मचारियों जैसे प्रिंसिपल, शिक्षकों और परिचारकों, स्कूल में रिक्तियों की सूची और उन्हें भरने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण मांगा है। आयोग ने सभी स्कूल स्टाफ के पुलिस सत्यापन की स्थिति की जानकारी भी मांगी है।

डीसीडब्ल्यू की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा, “एक स्कूल एक बच्चे के लिए दूसरा घर होता है। बच्चों को अपने स्कूलों में सबसे अधिक सुरक्षित महसूस करना चाहिए जिनका काम उनको समग्र शिक्षा प्रदान करना है। हालांकि, हाल ही में नगर निगम के एक स्कूल में लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की घटना ने इन स्कूलों के अंदर बच्चों विशेषकर लड़कियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

इसके अलावा, पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा प्रदान की गई जानकारी छात्रों की सुरक्षा और सुरक्षा की निराशाजनक स्थिति को दर्शाती है क्योंकि किसी भी स्कूल में सुरक्षा गार्ड नहीं है। यह बिलकुल भी स्वीकार नहीं है और आयोग ने इस संबंध में एक जांच शुरू की है। इन स्कूलों को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी

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