ल्यूपस से घबराये नहीं, नियमित दवा और संतुलित खानपान से नार्मल जिंदगी जी रहे हैं लोग : भंडारी

ल्यूपस से घबराये नहीं, नियमित दवा और संतुलित खानपान से नार्मल जिंदगी जी रहे हैं लोग : भंडारी


जयपुर, 10 मई (हि.स.)। गालों और नाक पर तितली की आकृति वाले चकते होना, नींद आने में परेशानी होना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, थकावट, बैचेनी, बेवजह बाल गिरना आदि ल्यूपस के सामान्य लक्षण हैं। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को यदि समय पर उपचार मिले और वह संतुलित तथा पौष्टिक भोजन का सेवन करे तो वह नार्मल जिंदगी जी सकता है।

वर्ल्ड ल्यूपस डे पर मंगलवार को एसएमएस अस्पताल के आईएमए हॉल में आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल और वाइस चांसलर डॉ. सुधीर भण्डारी ने कहा कि ल्यूपस की बीमारी जिनको है वे चिंता नहीं करें। समय पर इलाज लें और पौष्टिक डाइट लेकर नार्मल जिंदगी जियें। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज लेकर इस बीमारी के कारण किडनी एवं अन्य अंगों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि एसएमएस अस्पताल में इस बीमारी के लिए विशेष डिपार्टमेंट होने से लोगों को प्रोपर इलाज मिल रहा है। रोगियों को जागरूक करने के लिए विभाग द्वारा चलाये जा रहे अभियानों की उन्होंने सराहना की।

रूमेटोलॉजी एण्ड क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी डिपार्टमेंट की विभागाध्यक्ष डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि ल्यूपस लम्बे समय तक चलने वाली एक ऑटो इम्यून डिजीज है जो प्रतिरक्षा प्रणाली पर असर डालती है। जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बदलती है तो एण्टीबाडीज कई बार शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला कर देते हैं, क्योंकि वे बाहरी पदार्थों और स्वस्थ उतकों में अंतर नहीं कर पाते हैं।

उन्होंने बताया कि इस बीमारी में आमतौर पर लोगों के त्वचा पर विशेषकर चेहरे पर लाल निशान या चकते हो जाते हैं। ल्यूपस सिर से लेकर पांव तक सभी अंगों को प्रभावित कर सकता है। यह एक जानलेवा बीमारी नहीं है लेकिन संक्रमण तथा जटिलताएं होने पर मौत हो सकती है। 90 प्रतिशत रोगी महिलाएं होती है। हालांकि पुरूषों में ल्यूपस हो सकता है। सही समय पर बीमारी की पहचान कर इस बीमारी का पूरी तरह इलाज संभव है।

सीनियर प्रोफेसर मेडिसिन डॉ. पी.डी.मीना ने बताया कि विश्व की कई ख्यातनाम हस्तियां जैसे सैलेना गोमेज, क्रिस्टन जोनसन, टोनी ब्रेक्सटन, माइकल जैक्सन, लेडीगागा जैसे लोगों को ल्यूपस हुआ लेकिन इन्होंने बीमारी को हावी नहीं होने दिया और नार्मल जिंदगी जिते हुए विश्व में खूब नाम कमाया। इस बीमारी के इलाज में डाइट का महत्वपूर्ण योगदान है। पर्याप्त कार्बोहार्डड्रेड, फैट तथा प्रोटीन युक्त भोजन लेना चाहिए तथा ज्यादा शुगर, नमक तथा प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए।

इस दौरान मनोचिकित्सक डॉ. गौरव राजेन्द्र ने कहा कि सोच और भावना अच्छी हो तो किसी भी बीमारी से हम लड़ सकते हैं। इस दौरान डॉ. रेणु सहगल, डॉ. अविनाश जैन तथा डॉ. राजेश ने भी ल्यूपस के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यशाला में उपस्थित और ल्यूपस का उपचार ले रही जूही ने अपने अनुभव कुछ इस तरह साझा किए ‘‘मेरा पुर्नजन्म हुआ है, डॉक्टरों के नियमित इलाज, अच्छी डाइट और परिवार तथा दौस्तों की हौसला हफजाई से मैं नार्मल जिंदगी जी रही हूं’’। उन्होंने कहा कि मेरी तरह ही कोई भी व्यक्ति जिसको ल्यूपस है वह नार्मल जिंदगी जी सकता है बशर्ते वह नियमित इलाज ले और खानपान का ध्यान रखे।

हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर

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