पंचकूला शहर में जल्द शुरू होगा ई-बाइक शेयरिंग सिस्टम: महापौर कुलभूषण गोयल

पंचकूला शहर में जल्द शुरू होगा ई-बाइक शेयरिंग सिस्टम: महापौर कुलभूषण गोयल


पंचकूला शहर में जल्द शुरू होगा ई-बाइक शेयरिंग सिस्टम: महापौर कुलभूषण गोयल


पंचकूला, 10 मई (हि.स.)। नगर निगम पंचकूला शहर निवासियों को कम लागत, पर्यावरण के अनुकूल गतिशीलता विकल्प प्रदान करने के लिए साइकिल और ई-बाइक शेयरिंग सिस्टम शुरू करने जा रहा है। लोग इलेक्ट्रिक साइकिल और ई-बाइक सेमी-आटोमेटिक स्टेशनों से ले सकेंगे और जहां उन्हें जाना है, वहां के किसी अन्य स्टेशन पर वापस कर सकेंगे। साइकिल और ई-बाइक शेयरिंग सिस्टम आटोमोबाइल पर निर्भरता को कम करेगा, यातायात की भीड़ को कम करेगा।

शहर में इलेक्ट्रिक बाइक्स और इलैक्ट्रिक साइकिल चलाने का टेंडर अलॉट होने के बाद लुधियाना की मैन्युफैक्चरिंग कंपनी एके प्रोडक्ट कंपनी के प्रतिनिधि मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में डेमो दिया। इस मौके पर महापौर महापौर कुलभूषण गोयल ने भी इलेक्ट्रिक साइकिल चलाकर देखी। हालांकि कंपनी के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि इलेक्ट्रिक साइकिल को ही इलैक्ट्रिक बाइक कहते हैं, लेकिन इलेक्ट्रिक साइकिल और इलैक्ट्रिक बाइक शेयरिंग सिस्टम का टेंडर लगाया गया है। एके प्रोडक्ट कंपनी को इलेक्ट्रिक साइकिल और इलेक्ट्रिक बाइक लगाने, स्टैंड बनाने के लिए पहले 1 करोड़ 67 लाख रुपये दिए जाएंगे और उसके बाद मेंटेनेंस के लिए लगभग 79 लाख रुपये तीन साल के लिए दिए जाएंगे।

एके प्रोडक्ट कंपनी के प्रतिनिधियों ने इलैक्ट्रिक साइकिल का डेमो देते हुए बताया कि यह चाबी से स्ट्रार्ट होगी और इसके अंदर ही बैटरी लगी हुई है। इलेक्ट्रिक साइकिल में पैदल मारने की आवश्यकता नहीं होगी, वह रेस देकर 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से चल सकती है।हालांकि इलेक्ट्रिक साइकिल में सीट के आगे डंडा लगा हुआ है, जिससे महिलाओं को इलेक्ट्रिक साइकिल चलाने में परेशानी हो सकती है, इसलिए इस डंडे को भी निकालने की आवश्यकता होगी।

टाइमिंग के हिसाब से कटगी पेमेंट

महापौर कुलभूषण गोयल ने कहा कि इलेक्ट्रिक साइकिल में आगे टोकरी लगाने एवं पीछे मरगार्ड (करियर) लगाने के निर्देश दिए, ताकि एक और व्यक्ति भी बैठ सके। डेमो में कंपनी ने फिलहाल ऐप से आॅपरेट होने के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी। हर ई-बाइक्स और ई-साइकिल में ऐप्प होनी जरुरी है। क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद लॉक खुल जाता है, जिसके बाद टाइमिंग के हिसाब से पेमेंट कटनी शुरु हो जाती है।

हिन्दुस्थान समाचार/ रमेश/संजीव

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