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बजट 2020 : 80C और 80D के तहत सभी छूट खत्‍म, इन योजनाओं में निवेश का अब नहीं मिलेगा लाभ

बजट 2020 : 80C और 80D के तहत सभी छूट खत्‍म, इन योजनाओं में निवेश का अब नहीं मिलेगा लाभ

नई दिल्‍ली : वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आम बजट 2020-21 पेश किया. इस दौरान उन्‍होंने इनकम टैक्‍स में नए स्‍लैब जोड़ने के साथ ही नया सिस्‍टम भी शुरू कर दिया. उन्‍होंने करदाताओं को टैक्‍स गणना के दो विकल्‍प दिए हैं.

पहला पुराना विकल्‍प है, जिसके तहत 5, 20 और 30 फीसदी वाले तीन टैक्‍स स्‍लैब थे. इस बार 5, 10, 15, 20, 25 और 30 फीसदी के 6 टैक्‍स स्‍लैब दिए हैं. नई व्‍यवस्‍था के तहत टैक्‍स लाभ लेने के लिए आपको कई तरह की रियायतें छोड़ने पड़ेंगी.

80C और 80D के तहत सभी छूट कीं खत्‍म

नई व्‍यवस्‍था के तहत अगर आप एम्‍प्‍लॉय प्रोविंडेंट फंड (PF) कटवा रहे हैं तो भी आपको 80C के तहत इनकम टैक्‍स में किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी. सरकार ने नई व्‍यवस्‍था के तहत टैक्‍स छूट का फायदा लेने के लिए कई शर्तें लगा दी हैं.

इसके मुताबिक, आपको फायदा लेने के लिए 80C और 80D के तहत मिलने वाली कई तरह की रिबेट छोड़नी होंगी. नए टैक्स सिस्टम की सबसे बड़ी और कड़ी शर्त इन छूटों को छोड़ना ही है. नए टैक्स सिस्टम में इनकम टैक्स के सेक्शन 80C, 80D, 24 के तहत मिलने वाली हर तरह की छूट का फायदा खत्म हो जाएगा.

इन योजनाओं में निवेश का अब नहीं मिलेगा लाभ

आसान शब्‍दों में समझें तो अगर आपकी सैलरी 5 लाख से ज्‍यादा है और आप नई टैक्‍स व्‍यवस्‍था का चुनाव करते हैं तो आपको 80C के तहत LIC, PPF, NSC, यूलिप, ट्यूशन फीस, म्यूचुअल फंड ELSS, होम लोन, पेंशन फंड, बैंकों में टर्म डिपॉजिट, पोस्ट ऑफिस में 5 साल के डिपॉजिट और सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने से टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलेगा.

वहीं, 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पर भी टैक्स छूट का फायदा छोड़ना होगा. नई टैक्‍स व्‍यवस्‍था के तहत हर टैक्सपेयर्स को रिबेट समेत और बिना रिबेट के टैक्स कैलकुलेट करना होगा. नई व्‍यवस्‍था में छूट का फायदा छोड़ने के बाद टैक्‍सपेयर्स टैक्स सेविंग्स के लिए इंश्योरेंस नहीं खरीदेंगे.

कोई निवेश नहीं करने वालों को है बड़ा फायदा नई व्‍यवस्‍था का फायदा सिर्फ उन्‍हीं लोगों को मिलेगा, जिन्होंने किसी भी तरह का निवेश नहीं करते हैं. नए स्‍लैब्‍स के मुताबिक, 5 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा.

इसके बाद अगर आपकी आमदनी 5,00,001 रुपये से 7.5 लाख रुपये है तो आपको 10 फीसदी, 7.5 लाख से 10 लाख पर 15 फीसदी, 10 लाख से 12.5 लाख पर 20 फीसदी, 12.5 से 15 लाख रुपये पर 25 फीसदी और 15 लाख रुपये से ज्‍यादा की आय पर 30 फीसदी टैक्‍स देना होगा.

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