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यहाँ जानिये, 10 लाख रुपये की आमदनी कैसे हो सकती हैं टैक्स फ्री

नई दिल्ली : केंद्र की मोदी सरकार ने अपना दूसरा आम बजट पेश कर दिया हैं. इस बार इनकम टैक्स को लेकर बड़ा ऐलान किया गया हैं. लोकसभा में अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स के लिए दरों के नए स्लैब प्रस्तावित किए. लेकिन नए टैक्स रेट वैकल्पिक हैं. अगर आसान शब्दों में
  

यहाँ जानिये, 10 लाख रुपये की आमदनी कैसे हो सकती हैं टैक्स फ्री

नई दिल्ली : केंद्र की मोदी सरकार ने अपना दूसरा आम बजट पेश कर दिया हैं. इस बार इनकम टैक्स को लेकर बड़ा ऐलान किया गया हैं. लोकसभा में अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स के लिए दरों के नए स्लैब प्रस्तावित किए. लेकिन नए टैक्स रेट वैकल्पिक हैं.

अगर आसान शब्दों में कहें तो टैक्सपेयर्स चाहे तो पुराने टैक्स रेट और नए टैक्स रेट में चुनाव कर सकता है. बजट स्पीच में कहा गया है कि वै​कल्पिक टैक्स स्लैब के जरिए करदाता 15 लाख रुपये और इससे ज्यादा की आय पर 78000 रुपये टैक्स बचा सकता है.

टैक्स कंसलटेंसी फर्म नांगिया एंडरसन एलएलपी के पार्टनर विश्वास पंजीयार कहते हैं कि नया टैक्स ऑप्शन उन्हीं लोगों के लिए फायदेमंद है. जो टैक्स बचाने के लिए सेविंग्स नहीं करते हैं.

वहीं, अगर कोई मौजूदा समय में टैक्स सेविंग के ऑप्शन का इस्तेमाल कर रहा हैं तो उसे पुरानी टैक्स व्यवस्था के विकल्प चुनना पड़ेगा. इसके ज़रिए वह बचत योजनाओं में पैसा लगाकर 10 लाख रुपये की आमदनी को टैक्स फ्री कर सकते हैं.

ऐसे बचाएं 10.36 लाख रुपये की आमदनी वाले अपना टैक्स

क्या आप हर साल काफी इनकम टैक्स चुकाते हैं? अगर हां तो आप अपना टैक्स काफी घटा सकते हैं. 10 लाख रुपये सालाना आमदनी पर आप टैक्स की देनदारी घटाकर शून्य कर सकते हैं.

अगर आपने होम लोन लेकर घर खरीदा है और आपका नियोक्ता आपकी सैलरी स्ट्रक्चर को टैक्स फ्रेंडली बना दे तो सालाना दस लाख रुपये की कमाई पर कोई टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं है.

आइये इस बारे में विस्तार से जानते हैं. इनकम टैक्स के मौजूदा नियमों के हिसाब से इस समय 2.5 लाख रुपये की आमदनी पर आपको कोई टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है. इसके बाद इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C के तहत EPF, PPF, ELSS, NSC में निवेश और दो बच्चों के ट्यूशन फीस के रूप में आप सालाना 1.5 लाख रुपये तक की रकम पर टैक्स-छूट उठा सकते हैं.

अगर आप अपनी तरफ से NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम या एनपीएस) में सालाना 50,000 रुपये तक का निवेश करते हैं तो इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80CCD (1B) के तहत आपको अलग से टैक्स बचाने में मदद मिलती है. इस हिसाब से अब तक इनकम टैक्स से बचत की आपकी कुल रकम 4.5 लाख रुपये हो गयी.

इसके बाद अगर आपका घर बागपत/मेरठ में है और आप जॉब करने या कारोबार के लिहाज से दिल्ली में रहते हैं तो आपके लिए इनकम टैक्स बचाने के दो बेहतरीन मौके हैं. अगर आपने छोटे शहर में होम लोन लेकर घर खरीदा है तो उसके लिए चुकाए जाने वाले सालाना दो लाख रुपये तक के ब्याज पर आप इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 24 के तहत राहत पा सकते हैं.

इसके साथ ही अगर आप किराये के मकान में दिल्ली में रहते हैं तो आप इस पर अपने वेतन के HRA (हाउस रेंट एलोयेन्स) पर इनकम टैक्स में राहत पाने का दावा कर सकते हैं. शर्त यह है कि खरीदा गया घर और किराये पर लिया गया घर एक ही शहर में नहीं होने चाहिए.

मान लेते हैं कि आप दिल्ली में किराये के रूप में मकान मालिक को सालाना एक लाख रुपये चुकाते हैं. इनकम टैक्स कानून के हिसाब से आप HRA की इस रकम पर आयकर में छूट का दावा कर सकते हैं.

अब तक बताये गए प्रावधानों के हिसाब से आपके इनकम टैक्स में राहत की रकम 7.5 लाख रुपये की रकम शामिल हो गयी है.

इसके बाद अगर आपका नियोक्ता LTA के रूप में आपको सालाना 50,000 रुपये तक की रकम देता है तो आप अपने परिवार के साथ किसी यात्रा की स्थिति में उसका बिल जमा करने के बाद इस रकम को भी Income Tax के दायरे से बाहर रखने में मदद हासिल कर सकते हैं.

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