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कुछ इस तरह माता-पिता करे बच्चे के भविष्य का चयन

  

डिजिटल डेस्क : यूं तो हर माता पिता अपने बच्चो के भविष्य के लिए चिंतित होते है, वह अपने बच्चो को शुरुआत से अच्छे स्कूल और अच्छे संस्कार देने की भरपूर कोशिश करते है.

लेकिन उसके बावजूद भी बच्चे माता-पिता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते आपने कभी ऐसा सोचा की ऐसा क्यों होता है?

आखिर माता पिता की तरफ से ऐसी कौन सी चीज है जिसकी कमी रह जाती है तो चलिए आज हम इसी विषय पर चर्चा करते है.

# ज़्यादातर माता-पिता में देखा गया है, वो खुद ही बच्चे के भविष्य का निर्धारण कर देते है और बचपन से वह उस बच्चे को वही कार्य करने के लिए प्रेरित करने लग जाते है जिसका उन्होंने सपना देखा होता है.

# जब बच्चा 10 वी की परीक्षा के बाद घर से बाहर निकलता है और कई तरह के लोगो से मिलता है तो उसे ज्ञात होता है, कि जो सपने उसके माता-पिता उसके लिए देख रहे उसकी ख़ुशी उसमे नहीं बल्कि किसी और में है.

# वही जब बच्चे अपने माता के खिलाफ जाकर अपनी ख़ुशी ढूढ़ने लग जाते है तो माता-पिता का बच्चे के प्रति स्वभाव में थोड़ा परिवर्तन आ जाता है.

जिससे बच्चा अपने सपने को छोड़ते हुए अपने माता का सपना पूरा करने में लग जाता है, और अंत में परिणाम यह आता है कि वह बच्चा ना अपने माता पिता का सपना पूरा कर पता है और ना ही अपना.

# यह कहानी अक्सर हर घर की है. इस स्थिति में माता-पिता को अपने बच्चे की ख़ुशी में खुद की ख़ुशी ढूढ़नी चाहिए, जिससे वो अपने सपनो को पूरा कर आपको गौरवान्वित कर सके.       

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