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आईफा समारोह पर कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने, कहा- “पहले MP की हालत तो सुधार लें”

आईफा समारोह पर कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने, कहा- "पहले MP की हालत तो सुधार लें"

भोपाल : मध्यप्रदेश में होने वाले आईफा समारोह पर सियासत शुरू हो गयी है. बीजेपी को फिल्म अवॉर्ड्स पर भारी-भरकम खर्च करना रास नहीं आ रहा है.

उनका कहना है कि एक गरीब प्रदेश में तड़क-भड़क पर करोड़ों रुपए खर्च करना ठीक नहीं. लेकिन सरकार का दावा है कि हम जितना खर्च करेंगे, इस समारोह के ज़रिए उससे चार गुना ज़्यादा रेवेन्यू कमा लेंगे.

आईफा समारोह की तारीख आ गई है. सरकार ने इसके आयोजन पर पूरी ताकत लगा दी है. आयोजन करने वाली एजेंसी अपना काम कर रही हैं. सुरक्षा के इंतजाम भी किए जा रहे हैं. इन सब के बीच इस अवार्ड समारोह को लेकर सियासत गर्म हो गई है.

कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने हैं. कांग्रेस के सभी नेता अवार्ड को प्रदेश की तरक्की से जोड़कर देख रहे हैं. लेकिन बीजेपी इस बात को लेकर सरकार को घेर रही है कि प्रदेश की स्थिति ठीक नहीं है.

हर जगह हाहाकार मचा है. किसान से लेकर हर वर्ग परेशान है. ऐसे में सरकार को प्रदेश की बदहाली को ठीक करने के बाद अवार्ड समारोह करना चाहिए था. बीजेपी ने सरकार की कई कमियां गिनायीं.

आईफा समारोह को लेकर बीजेपी ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस सरकार ग्लैमर देखने वालों के हाथ में है. ग्लैमर की राजनीति से अपने को चमकाने की कोशिश हो रही है.

बदहाली ठीक करने के बाद आईफा अवार्ड कराना चाहिए था. हमें अच्छा लगता, आदिवासियों की बदहाली पर प्रेस कांफ्रेंस होती. उन्होंने कहा कि हम विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश की स्थिति पर भी ध्यान देना पड़ेगा.

कांग्रेस सरकार दावा कर रही है कि आईफा समारोह पर सरकार जितना खर्च कर रही है, उससे चार गुना रेवन्यू आएगा. लोगों को रोज़गार मिलेगा. प्रदेश का नाम होगा. कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि आईफा समारोह से प्रदेश को बहुत फायदा होगा. दुनिया में प्रदेश का नाम होगा.

साथ ही जितना खर्च इस समारोह पर हो रहा है, उससे चार गुना रेवन्यू सरकार के पास आएगा. उन्होंने यह भी कहा कि हर जगह इसकी चर्चा होती है. इसका सीधा फायदा देश के साथ हमारे प्रदेश को होगा.

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