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अपराधियों ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को ही दे डाली जान मारने की धमकी, जाने पूरा मामला

Harpreet । DHNN
11 Dec 2022 9:37 AM GMT
अपराधियों ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को ही दे डाली जान मारने की धमकी, जाने पूरा मामला
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बीते 22 नवंबर दो हजार 22को डाक विभाग के माध्यम से लिफाफे प्राप्त हुआ, जिसमें एक पत्र के माध्यम से आरोपी द्वारा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को गैर ज़मानती वारंट जारी करने पर जान मारने की धमकी दी गई है.

बेगुसराय : अपराध की दुनिया में सुर्खियां बटोरते बिहार के बेगूसराय में इन दिनों अपराधियों के इतने बुलंद हौसले हो गए हैं कि सारी हदें पार करते नजर आ रहे हैं. आम तौर पर बदमाशों द्वारा समाज में अशांति पैदा करना, विधि व्यवस्था की धज्जि उड़ाना, कानून से बैखौफ होकर दिन दहाड़े हत्या , छिनतई एवं लूट के मामले सामने आते रहे है, जिससे लोगों में हड़कंप मचा रहा.

लेकिन न्यायपालिका भी अब बदमाशों के निशाने पर है. ताजा कड़ी में गैर ज़मानती वारंट जारी किए जाने से आग बबूला होकर अपराधियों ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को ही जान मारने की धमकी दे डाली.

इस बात की भनक लगते ही जिले में सनसनी फ़ैल गई, अधिकारियों सहित वकील, पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के तमाम सरकारी अधिकारियों के ललाट पर चिंता की लकीरें देखी जा रही हैं.

बताया जाता है कि धमकी बंद लिफाफे में डाक घर से भेजी गई और मामले की गंभीरता भांपते देर नहीं लगी और व्यवहार न्यायालय के जीआर कलर्क नागेश मोहन सिन्हा ने एसपी योगेन्द्र कुमार को मामले की जानकारी देते हुए धमकी प्रेषक आरोपी शालिग्राम कनौजिया केयर ऑफ रामाशीष दास के खिलाफ़ नगर थाने में लिखित सूचना देते हुए मामले दर्ज करने की बात साझा की.

आवेदन में बताया गया है कि बीते 22 नवंबर दो हजार 22को डाक विभाग के माध्यम से लिफाफे प्राप्त हुआ, जिसमें एक पत्र के माध्यम से आरोपी द्वारा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को गैर ज़मानती वारंट जारी करने पर जान मारने की धमकी दी गई है.

आवेदन में बताया गया है कि वर्तमान परिस्थिति में मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाए. इस घटना को लेकर न्यायिक अधिकारी स्तब्ध रह गए.

लोक अभियोजक मो सैयद मंसूर आलम ने बताया कि इस बात की जानकारी मिलते ही सकते में पड़ गए. उन्होंने सारे प्रोस्क्यूटर की ओर से इस घृणित कार्य की घोर निन्दा की है. अभियोजक ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए बताया कि बीते लंबे समय तक कार्यावधि में इस तरह का मामला कभी भी नहीं देखा.

उन्होंने एसपी से अपेक्षा की है कि जांच कर सभी साक्ष्य संग्रह कर आरोपी के खिलाफ समर्पित करें, ताकि अभियोजक अपना दायित्व निर्वाहन करेगी और ऐसे घृणित कार्य करने वाले आरोपी को सजा दिलाई जा सकें.

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