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अयोध्या में नवरात्रि पर आयोजित होने वाले रामनवमी मेले पर भी घातक कोरोनावायरस की छाया

अयोध्या में नवरात्रि पर आयोजित होने वाले रामनवमी मेले पर भी घातक कोरोनावायरस की छाया

अयोध्या : घातक कोरोनावायरस की छाया अब अयोध्या में नवरात्रि पर आयोजित होने वाले रामनवमी मेले पर भी दिखाई दे रही है। विश्व हिंदू परिषद ने योजना बनाई थी कि वह इस साल रामनवमी को बड़ा समारोह आयोजित करेगी, क्योंकि इस तीर्थ शहर में भगवान राम के मंदिर का बहुप्रतीक्षित निर्माण शुरू होने जा रहा है।

अयोध्या के मुख्य चिकित्सा अधिकारी घनश्याम सिंह ने कहा, “चूंकि मुख्यमंत्री ने सभी तरह की सभाओं से बचने के लिए कहा है, लिहाजा कोरोनावायरस के डर और जोखिम को देखते हुए इस साल रामनवमी मेला आयोजन पर हम प्रशासन से बात कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि इस समारोह में आने वाले लाखों भक्तों की जांच कर पाना असंभव है।

एक अन्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों कोरोनावायरस संक्रमण से बचाने के लिए मास्क बांटना भी संभव नहीं है।

हालांकि जिला मजिस्ट्रेट अनुज झा ने इस समारोह के रद्द होने की संभावना से इंकार किया है।

उन्होंने कहा, “हम सभी सावधानी बरतेंगे, भक्तों को इससे बचाव के लिए सलाह देंगे, लेकिन इस समारोह को रद्द करने की कोई बात नहीं हुई है।”

रामनवमी मेला 25 मार्च से शुरू होना प्रस्तावित है, जिसमें पूरे देश से लाखों भक्त आते हैं।

आयोजन के दौरान व्यवस्था के लिए हजारों सरकारी अधिकारी और पुलिस कर्मचारी तैनात होते हैं।

विश्व हिंदू परिषद के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “हम एक विकट स्थिति में फंस गए हैं, क्योंकि समारोह को किसी भी कीमत पर आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, इससे इंकार नहीं किया जा सकता है कि इसमें खतरा है, क्योंकि इसमें लाखों लोग आएंगे।”

मंदिर निर्माण के लिए राम जन्मभूमि को खाली करने के लिए रामलला की मूर्ति को मानस भवन में स्थानांतरित किया जाएगा।

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