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नेपोटिज्म पर बॉलीवुड अभिनेत्री का बयान, कहा मुझे खरीदने की करी गई थी कोशिश 

  

न्यूज़ डेस्क : सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही नेपोटिज्म पर बहस छिड़ी हुई है। अब 'बिग बॉस' फेम सोफिया हयात ने भी नेपोटिज्म पर चुप्पी तोड़ी हैं। 'स्पॉटबॉय' की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोफिया हयात ने कहा कि वह बॉलिवुड में बड़े सपने लेकर आई थीं।

उन्हें बॉलिवुड में काम करने वाले कुछ बड़े लोगों ने काम करने के लिए बुलाया था। फिल्म 'डायरी ऑफ ए बटरफ्लाई' में उन्हें सेकंड लीड भी साइन किया गया। फिल्म में लोगों ने भी सोफिया हयात को पसंद किया। सोफिया ने कहा कि लेकिन बड़े-बड़े फिल्ममेकर्स और ऐक्टर्स उन पर नजर गड़ाने लगे। वे फिजिकल कॉम्प्रोमाइज चाहते थे।

सोफिया ने आगे कहा कि फिल्मों से उनके सीन्स काट दिए गए और कुछ फिल्में होल्ड कर दी गईं। लेकिन फिर भी वह किसी न किसी तरह से इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाए रहीं। वह लोगों द्वारा खुद को 'बेचने और खरीदने' से तंग आ गई थीं और इसलिए उन्होंने वापस अपने देश यूके लौटने का फैसला किया। सोफिया ने कहा कि वह नेपोटिज्म की विक्टिम नहीं बनना चाहती थीं।

एक्ट्रेस ने आगे कहा कि उन्हें 'बिग बॉस 7' के जरिए कुछ उम्मीद मिली थी और सोचा था उससे उन्हें करियर में फायदा होगा, लेकिन शो में उनकी जर्नी छोटी ही रही। वह बोलीं, 'मुझे बतौर वाइल्ड कार्ड 'बिग बॉस' ऑफर हुआ था, लेकिन ऐसा लगा कि यह मेरी इमेज को खराब करने का प्लान है। ऐसा प्लान जिससे वह मुझे मानसिक तौर पर बीमार दिखा सकें।'

उन्होंने आगे बताया कि 'बिग बॉस' में उनके सीन्स को इस तरह एडिट किया गया कि लोग उनका असली रूप देख ही नहीं पाए। अरमान कोहली ने उन्हें धक्का मारा था, लेकिन अरमान के बजाय सोफिया को शो छोड़कर जाने के लिए कहा गया।

वह दो वकील लेकर आईं, लेकिन उन्हें अरमान की फैमिली ने पैसे दे दिए। तभी सोफिया ने अपने देश लौटने का फैसला कर लिया। सोफिया ने आगे कहा कि आज अरमान को कर्म का फल मिला है। अरमान असफल हैं और वह कभी भी एक खराब एनर्जी के साथ खुद को जोड़ना नहीं चाहती थीं।

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