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भारत के लंबी दूरी की मिसाइल प्रशिक्षण की योजना के दौरान एक बार फिर से हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में घुसा चीनी जासूसी जहाज

Harpreet । DHNN
7 Dec 2022 10:03 AM GMT
भारत के लंबी दूरी की मिसाइल प्रशिक्षण की योजना के दौरान एक बार फिर से हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में घुसा चीनी जासूसी जहाज
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चीनी जासूसी जहाज युआन वांग ने 4 से 5 दिसंबर की देर शाम इंडोनेशिया सुंडा जलडमरूमध्य के रास्ते से हिंद महासागर क्षेत्र में एंट्री ली है। बता दें कि पिछले महीने भी चीन के एक और जासूसी जहाज 'युआन वांग-6' इस इलाके में आया था।

चीन का चर्चित जासूसी जहाज 'युआन वांग-5' एक बार फिर से हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में घुस गया है। यह जहाज ऐसे वक्त घुसा है, जब भारत लंबी दूरी की मिसाइल प्रशिक्षण की योजना बना रहा है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि चीनी जासूसी जहाज की मौजूदगी के बाद भारत मिसाइल परीक्षण की योजना पर आगे बढ़ेगा या इसे कुछ समय के लिए टाल देगा।

पिछले महीने भी आया था चीनी जहाज

समुद्री पोत ट्रैकिंग पोर्टल Marinetraffic.com की मानें तो चीनी जासूसी जहाज युआन वांग ने 4 से 5 दिसंबर की देर शाम इंडोनेशिया सुंडा जलडमरूमध्य के रास्ते से हिंद महासागर क्षेत्र में एंट्री ली है।

बता दें कि पिछले महीने भी चीन का एक और जासूसी जहाज 'युआन वांग-6' हिन्द महासागर क्षेत्र में प्रवेश कर गया था। उस समय भी भारत एक मिसाइल सिस्टम की टेस्टिंग करने वाला था। उस दौरान भारत ने मिसाइल टिस्टेंग प्रोग्राम को टाल दिया था।

अगस्त में भी श्रीलंका पहुंचा था जासूसी जहाज

आपको बता दें कि यही वह जहाज है जो कि अगस्त में श्रीलंका के हंबनटोटा पोर्ट में ठहरा था। इसी जहाज को लेकर भारत ने राजनयिक स्तर पर श्रीलंका के अधिकारियों के साथ चिंता जताई थी। इधर ट्विटर पर ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस हैंडल @detresfa के मुताबिक, भारत ने एक अधिसूचना NOTAM जारी की है जिसमें 15 से 16 दिसंबर को बंगाल की खाड़ी के ऊपर नो फ्लाइ जोन घोषित किया गया है।

कुछ सालों में चीनी जहाजों की मौजूदगी बढ़ी

भारत की अधिसूचना के मुताबिक यह निर्देश करीबन 5400 किमी की दूरी के लिए जारी किए गए। ऐसे में इस रेंज को देखते हुए ये माना जा रहा है कि भारत अग्नि-5 इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण करने जा रहा है।

द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक हिन्द महासागरीय क्षेत्र में चीनी रिसर्च जहाजों की मौजूदगी बढ़ चुकी है। इन जहाजों की तैनाती का सामान्य क्षेत्र नब्बे डिग्री पूर्वी रिज और दक्षिण पश्चिम भारतीय रिज के आसपास है। इन जहाजों में अनुसंधान या सर्वेक्षण जहाजों की निगरानी करने और उनका डेटा हासिल करने के लिए शक्तिशाली उपरकरण होते हैं।

2008 से शुरू हुई चीनी जहाजों की तैनाती

हिन्दू महासागर में चीनी जहाजों की तैनाती 2008 से शुरू हुई। यह तैनाती तब अदन खाड़ी में एंटी पाइरेसी ऑपरेशन की आड़ में शुरू हुई थी और तब से चीन ने इस क्षेत्र में निरंतर उपस्थिति बनाए रखी है।

यहां तक कि कई अवसरों पर चीन ने परमाणु हमला करने वाली पणडुब्बियों को भी तैनात कर रखा है। चीन ने जिबूती में एक सैन्य अड्डा स्थापित कर रखा है और भारत के पड़ोसी देशों श्रीलंका, म्यांमार, पाकिस्तान आदि में बंदरगाहों का विकास किया है।

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