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पिता, जो अपनी बेटियों को स्कूल ले जाने के लिए रोज 12 किलोमीटर का सफर बाइक से तय, चाहता है बेटियों को मिले अच्छी तालीम

नई दिल्ली : एक पिता की रोजाना की दिनचर्या ने सोशल मीडिया पर कई लोगों का दिल जीत लिया. दरअसल, यह कहानी अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में रहने वाले मिया खान की है, जो यह सुनिश्चित करने की कोशिश में लगा हुआ है कि उसकी बेटियों को अच्छी शिक्षा मिले.

अफगानिस्तान में काम कर रही एक एनजीओ स्वीडिश कमिटी ने अपने फेसबुक पेज पर मिया खान की कहानी को कुछ तस्वीरों के साथ शेयर किया है. अब, मिया खान की यह कहानी अलग अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की जा रही है और लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं.

स्वीडिश कमिटी फॉर अफगानिस्तान ने अपनी इस पोस्ट की पहली लाइन में लिखा, ”एक पिता जो अपनी बेटियों की शिक्षा को अपनी जिम्मेदारी मानता है”. मिया खान जो अपनी बेटियों को स्कूल ले जाने के लिए रोज 12 किलोमीटर का सफर बाइक से तय करते हैं और उसके बाद उनका स्कूल खत्म होने तक का इंतजार करते हैं ताकि वो उन्हें वापस घर ले जा सके. यह अब उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है.

इस पोस्ट के साथ एनजीओ ने एक ब्लॉग का लिंक भी शेयर किया है, जिसमें बताया गया है कि मिया खान की 3 बेटियां हैं और वह चाहता है कि तीनों को उसके बेटों की तरह अच्छी शिक्षा मिले.

ब्लॉग के मुताबिक, मिया खान ने कहा, “मैं अनपढ़ हूं और मैं दिहाड़ी पर अपना वक्‍त बिता रहा हूं लेकिन मेरी बेटियों का शिक्षित होना मेरे लिए बहुत जरूरी है क्योंकि हमारे इलाके में कोई भी महिला चिकित्सक नहीं है. बेटों की तरह अपनी बेटियों को शिक्षित करना मेरा सबसे बड़ा सपना है.”

ब्लॉग में मिया खान की एक बेटी रोजी ने बताया, “मैं 6ठी कक्षा में हूं और बहुत खुश हूं क्योंकि मैं पढ़ाई कर रही हूं. मेरे पापा और भाई हमें मोटरसाइकिल पर रोज स्कूल लाते हैं और जब हमारी क्लास खत्म होती है तो हमें घर ले जाते हैं.”

#16DaysOfActivisimA father who considers educating his daughters a dutyA resident of central Sharana of Paktika…

Posted by Swedish Committee for Afghanistan on Monday, December 2, 2019

अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग इस पिता की प्रशंसा कर रहे हैं. किसी ने इसे हीरो बताया तो किसी ने एक प्यार करने वाला पिता बताया. एक यूजर ने फेसबुक पर लिखा, ”मैं बहुत खुश हूं एक पिता को देख कर जो अपनी जिम्मेदारियां समझता है और अपनी बेटियों के लिए शिक्षा का महत्व जानता है”. एक अन्य ने लिखा, ”एक अच्छा पिता, जो अपनी जिम्मेदारी समझता है और अपने बच्चों से प्यार करता है. इस पिता को मैं सैल्यूट करता हूं. यह खबर पढ़ कर वाकई मेरी आंखों में आंसू आ गए”.

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