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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री अशरफ को मिली क्लीन चिट, अवैध नियुक्ति मामले में हुए बरी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री अशरफ को मिली क्लीन चिट, अवैध नियुक्ति मामले में हुए बरी

लाहौर : पाकिस्तान में लाहौर की एक जवाबदेही अदालत ने सोमवार को गुजरांवाला इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (जेप्को) में अवैध भर्तियों से जुड़े एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ और सात अन्य को बरी कर दिया।

डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायाधीश अमजद नजीर चौधरी ने मामले को खारिज करने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया, जो हाल ही में सरकार द्वारा राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) अध्यादेश में संशोधन पेश किए जाने के बाद दायर किया गया था।

एनएबी ने पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ 2016 में गैरकानूनी रूप से 437 लोगों की भर्ती का पता लगाया था।

एनएबी अभियोजक के अनुसार, जिन व्यक्तियों ने भी आवेदन नहीं किया था, उन्हें नौकरी दी गई थी। इसमें योग्यता की अनदेखी की गई थी और राजनीतिक आधार पर नियुक्तियां की गई थीं। एनएबी ने आरोप लगाया कि उन्होंने लिखित परीक्षा व अन्य नीतियों का उल्लंघन किया।

अवैध नियुक्तियां करने का आरोप पाकिस्तान इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (पेप्को) के पूर्व प्रबंध निदेशक ताहिर बशारत चीमा, पानी और बिजली मंत्रालय के पूर्व सचिव शाहिद रफी, पेप्को के डायरेक्टर बोर्ड ऑफ गवर्नर मोहम्मद सलीम आरिफ, मलिक मोहम्मद रजी अब्बास, और वजीर अली भयो, पेप्को के पूर्व प्रमुख मोहम्मद इब्राहिम मजोका और पूर्व निदेशक हशमत काजमी पर लगाया गया था।

अदालत के बाहर मीडिया से बात करते हुए अशरफ ने कहा कि वह खुश हैं कि मामले को खारिज करने के उनके अनुरोध को मंजूरी दे दी गई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने हमेशा अदालतों का सम्मान किया है।

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