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खुशखबरी : 4 करोड़ लोगों को सरकार अगले 5 साल में देगी नई नौकरियां

खुशखबरी : 4 करोड़ लोगों को सरकार अगले 5 साल में देगी नई नौकरियां

नई दिल्‍ली : वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में इकोनॉमिक सर्वे 2020 पेश किया. इसमें सरकार ने बताया है कि पिछले 6 साल में 2.62 करोड़ लोगों को नौकरियां दी गई हैं. यह आंकड़ा शहरी और ग्रामीण इलाकों में वर्ष 2011-12 से लेकर 207-18 के बीच संगठित क्षेत्र में दी गई नौकरियों का है.

इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, नवंबर 2019 तक 69.03 लाख लोगों को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत प्रशिक्षण दिया गया. इन 6 साल में महिलाओं के रोजगार में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. सर्वे में नौकरियों को लेकर आगे का प्‍लान भी बताया गया है.

5 साल में 4 करोड़ लोगों को मिलेंगी अच्‍छे वेतन वाली नौकरियां

सर्वे के मुताबिक, सरकार का फोकस नौकरियों की गुणवत्ता में सुधार और अर्थव्यवस्था में संगठित क्षेत्र की नौकरियां बढ़ाने पर है. इसके चलते नियमित आय या वेतन वाले कर्मचारियों का हिस्सा वर्ष 2010-11 के 18 फीसदी के मुकाबले 2017-18 में 23 फीसदी पर पहुंच गया.

संगठित क्षेत्र में दी गई 2.62 करोड़ नई नौकरियों में 1.21 करोड़ ग्रामीण और 1.39 करोड़ नौकरियां शहरी क्षेत्र में दी गई हैं. सरकार के मुताबिक, देश में रोजगार बढ़ने को लेकर अच्छे दिन आने वाले हैं. सरकार का अनुमान है कि अगले पांच साल में 4 करोड़ लोगों को अच्छे वेतन वाली नौकरियां मिलेंगी. साल 2030 तक ये संख्या बढ़कर 8 करोड़ हो जाएगी.

वैश्विक निर्यात बाजार में 2030 तक हिस्‍सेदारी होगी 6 फीसदी

आर्थिक समीक्षा 2020 में कहा गया है कि भारत के पास श्रम आधारित निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चीन जैसे ही अवसर मौजूद हैं. ‘एसेंबल इन इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ के जरिये वैश्विक निर्यात बाजार में भारत की हिस्सेदारी साल 2025 तक 3.5 फीसदी हो जाएगी, जो 2030 तक बढ़कर 6 फीसदी पर पहुंच जाएगी.

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, 2025 तक भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए जरूरी मूल्य संवर्धन में नेटवर्क उत्पादों के निर्यात में एक तिहाई की वृद्धि होगी.

भारत को चीन जैसी रणनीति अपनाने का दिया गया है सुझाव

इकोनॉमिक सर्वे में नौकरियों की संख्‍या बढ़ाने के लिए भारत को चीन जैसी रणनीति अपनाने का सुझाव दिया गया है. इसके तहत श्रम आधारित क्षेत्रों में खासतौर से नेटवर्क उत्पादों के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विशेषज्ञता हासिल करने की जरूरत पर जोर देने को कहा गया है. साथ ही नेटवर्क उत्पादों की बड़े स्तर पर एसेंबलिंग एक्टिविटीज पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई है.

इसके अलावा विकसित देशों के बाजार में निर्यात को बढ़ावा देने और निर्यात नीति को अनुकूल बनाने का भी सुझाव दिया गया है. आर्थिक समीक्षा में भारत की ओर से किए गए व्यापार समझौतों का कुल व्यापार संतुलन पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण भी किया गया है.

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