स्वास्थ्य

डायबिटीज की वजह से महिलाओं को होती हैं ये समस्याएं, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

Ganga । DHNN
25 Nov 2022 1:30 AM GMT
डायबिटीज की वजह से महिलाओं को होती हैं ये समस्याएं, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
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मधुमेह एक चयापचय विकार है जिसमें इंसुलिन अग्न्याशय तक ठीक से नहीं पहुंचता है। जिससे शरीर के खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है। इसे मधुमेह कहते हैं।

डायबिटीज की समस्या अब आम हो गई है। पहले यह रोग केवल बुजुर्गों में ही सुनने को मिलता था, लेकिन अब यह बच्चों, युवकों और महिलाओं को भी हो रहा है। वैसे तो डायबिटीज पुरुषों और महिलाओं दोनों को हो सकता है, लेकिन डायबिटीज महिलाओं के लिए ज्यादा हानिकारक है।

मधुमेह एक चयापचय विकार है जिसमें इंसुलिन अग्न्याशय तक ठीक से नहीं पहुंचता है। जिससे शरीर के खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है। इसे मधुमेह कहते हैं।डायबिटीज 2 के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

मधुमेह के कुल मामलों में से 90 से 95% मामले टाइप 2 मधुमेह के सामने आ रहे हैं। खासकर महिलाओं को टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा ज्यादा होता है। खान-पान और जीवनशैली में बदलाव के कारण डायबिटीज की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

डायबिटीज के कारण महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस लेख में हम आपको डायबिटीज के कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं जो खासकर महिलाओं में देखने को मिलते हैं।

मूत्राशय में संक्रमण

मधुमेह से पीड़ित महिलाओं में मूत्राशय के संक्रमण की समस्या बढ़ जाती है। अगर शरीर में ब्लड शुगर लेवल ज्यादा हो तो यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन की संभावना और भी ज्यादा बढ़ जाती है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि उच्च रक्त शर्करा का स्तर संक्रमण से लड़ने की शरीर की क्षमता को कम कर देता है। मधुमेह के कारण कुछ महिलाएं अपने मूत्राशय को पूरी तरह से खाली नहीं कर पाती हैं, जिससे इस संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

समय पर पीरियड्स न होना

अगर आपको समय पर पीरियड्स नहीं आ रहे हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि डायबिटीज आपके मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर रही है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि टाइप 1 डायबिटीज वाली महिलाओं में अनियमित पीरियड्स होते हैं।

हालांकि यह जरूरी नहीं है कि ऐसा सभी महिलाओं के साथ हो, लेकिन कुछ महिलाओं में टाइप वन डायबिटीज की वजह से समय पर पीरियड्स न आने की समस्या हो जाती है।

पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम

सबसे पहले समझें कि पीसीओएस क्या है। दरअसल, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम महिलाओं के ओवरी से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी के कारण महिलाओं के शरीर में हार्मोन का संतुलन गड़बड़ा जाता है, जिससे गर्भधारण करना मुश्किल हो जाता है।

मधुमेह से पीड़ित महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम या पीसीओएस का खतरा बढ़ जाता है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जिन महिलाओं को पीसीओएस होता है, उनमें टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

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