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भोपाल के एमसीयू में ईओडब्ल्यू के आरोपियों को बड़ी जिम्मेदारी : कांग्रेस

  

भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी स्थित माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय(एमसीयू) के प्रोफेसर संजय द्विवेदी को कुलपति का प्रभार देने और अविनाश बाजपेयी को कुलसचिव बनाए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई है।

कांग्रेस का कहना है कि जिस व्यक्ति पर आर्थिक अपराध शाखा(ईओडब्ल्यू) में मामला दर्ज हो, उसे कुलपति का प्रभार देकर व कुलसचिव बनाकर भाजपा ने अपने चाल-चेहरा और चरित्र को प्रमाणित कर दिया है।

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्य प्रवक्ता के. के. मिश्रा का कहना है कि, द्विवेदी और बाजपेयी के खिलाफ ईओडब्ल्यू में 14 अप्रैल 2019 को भ्रष्टाचार सहित अन्य गड़बड़ियों को लेकर प्रकरण दर्ज हुआ था। आरोपियों को एक संस्थान की जिम्मेदारी सौंपना नैतिकता के खिलाफ है। राज्य में शिवराज िंसह चौहान सरकार ने यह जिम्मेदारियों सौंप कर साफ जाहिर कर दिया है कि वह कितनी ईमानदार है।

मिश्रा ने भाजपा के चाल-चरित्र और चेहरे के नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि एमसीयू के पूर्व कुलपति बी के कुठियाला कहीं के राज्यपाल न बन जाएं। गड़बड़ियों आरोप कुठियाला पर भी है और वे भी ईओडब्ल्यू में दर्ज मामले में आरोपी है।

राज्य में हुए सत्ता बदलाव के बाद दीपक तिवारी ने कुलपति पद से इस्तीफा दे दिया था और उसके बाद से ही प्रभार जनसंपर्क विभाग के सचिव के पास था। गुरुवार के राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर कुलपति का प्रभार द्विवेदी को दिया। इसके साथ ही कुलसचिव वाजपेयी को बनाया गया है।

ज्ञात हो कि, राज्य में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के आने के बाद सरकार ने विश्वविद्यालय की पूर्व समय की गतिविधियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। इस समिति की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने ईओडब्ल्यू में शिकायत की है।

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