क्या 'चरखा' ने अंग्रेजों को देश छोड़ने पर मजबूर किया? : भाजप
क्या 'चरखा' ने अंग्रेजों को देश छोड़ने पर मजबूर किया? : भाजप
क्या 'चरखा' ने अंग्रेजों को देश छोड़ने पर मजबूर किया? : भाजप
क्या 'चरखा' ने अंग्रेजों को देश छोड़ने पर मजबूर किया? : भाजप

"क्योंकि सच जानना आपका हक है"

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क्या 'चरखा' ने अंग्रेजों को देश छोड़ने पर मजबूर किया? : भाजपा 

  

नई दिल्ली : लॉकडाउन के दौरान दीए जलाने और थाली पीटने की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए, राज्यसभा में गुरुवार को भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह एक साकेतिक प्रदर्शन था और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी इस तरह की चीजें की गई थी।

त्रिवेदी ने कहा, हमारे कई दोस्तों को दीये जलाने और थाली और बर्तन पीटने के साथ एक समस्या है क्या चरखा चलाने से अंग्रेज हमारा देश छोड़ कर चले गए थे? यह एक सांकेतिक प्रदर्शन था जिसे गांधीजी द्वारा चुना गया आलोचना करने वाले इतिहास नहीं जानते।

बिना नाम लिए त्रिवेदी ने राहुल गांधी की आलोचना की और उन्हें युवा नेता बताया भाजपा सांसद ने कहा, इस युवा नेता ने दावा किया कि उन्होंने फरवरी के शुरू में ही कोरोनावायरस के संकट के बारे में ट्वीट किया था।

केंद्र सरकार के नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम के लिए और हवाई अड्डों को बंद नहीं करने के लिए आलोचना की गई, लेकिन युवा नेता विदेश से ये ट्वीट कर रहे थे और संसद में कोई बहस नहीं की।

त्रिवेदी के इस बयान पर कांग्रेस नेता सदन में हंगामा करने लगे और उपसभापति से कहा कि भाजपा नेता मुद्दों को न भटकाएं।

सुधांशु त्रिवेदी देश में कोविड-19 की स्थिति पर चल रही चर्चा के दौरान राज्यसभा में बोल रहे थे। एक दिन पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए एक बयान के बाद बुधवार को आनंद शर्मा द्वारा इस मुद्दे पर चर्चा शुरू की गई थी।

शर्मा ने अचानक देशव्यापी लॉकडाउन लागू करने को लेकर सरकार पर निशाना साधा था और दावा किया कि सरकार ने किस आधार पर 14 से 29 लाख कोविड-19 मामलों को रोकने का दावा किया। शर्मा ने प्रवासी मजदूरों पर डेटा नहीं होने के लिए केंद्र पर भी हमला किया।

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