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बजट 2020 पर राहुल बोले – बजट में कुछ नहीं, अखिलेश ने कहा – दिवालिया बजट

बजट 2020 पर राहुल बोले - बजट में कुछ नहीं, अखिलेश ने कहा-दिवालिया बजट

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 2.0 का दूसरा बजट पेश कर दिया है. इस बजट में किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं. वहीं, इनकम टैक्स स्लैब का कायापलट हुआ है. इस बीच बजट पर विपक्ष की प्रतिक्रिया भी आनी शुरू हो गई है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बजट को निराशाजनक बताया है. राहुल ने कहा, ‘वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाषण तो बहुत लंबा दिया, लेकिन उनके भाषण में कुछ नहीं था.’ वहीं, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इसे दिवालिया बजट बताया है.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, ‘बजट ने देश के किसानों और नौजवानों को निराश किया है. उत्तर प्रदेश जहां सरकार खुद स्वीकार करती है कि नई पीढ़ी सबसे ज्यादा है, लेकिन नई पीढ़ी के सपनों को पूरा करने के लिए क्या है इनके पास. कहां है नौकरी, रोजगार और इन्वेस्टमेंट. ये दिवालिया बजट है.’

मोदी सरकार के बजट 2020-21 पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी, कपिल सिब्बल और आनंद शर्मा ने भी तंज कसे हैं. अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट किया, ‘दुश्मन न करे दोस्त ने जो काम किया है, साल भर का गम, गरीबों पर जुल्मो सितम, फिर से जनता को इनाम दिया है.’

वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा, ‘निर्मला सीतारमण बजट का गणित समझाने में विफल रही हैं. 4.8% की जीडीपी वृद्धि के साथ 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य एक पाइप ड्रीम है.’

कांग्रेस के सीनियर नेता कपिल सिब्बल ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि राजकोषीय घाटा 3.8% है. उनको देश को यह भी बताना चाहिए था कि अगर आप यूनियन और स्टेट का घाटा जोड़े तो यह 8 % से ज्यादा है, जो देश के लिए चिंता की स्थिति है.’

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, ‘एक अच्छी चीज शायद आयकर में दी गई छूट हो सकती है. 12.5 लाख के नीचे की आय वाले मध्यम वर्गीय परिवारों को इससे राहत मिलेगी. उसके अलावा बजट में कुछ खास नहीं लगा.’

वित्त मंत्री ने दिया अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अभी तक का सबसे बड़ा बजट भाषण दिया. इससे पहले जसवंत सिंह ने 2003 में 2 घंटे 13 मिनट का भाषण दिया था. निर्मला सीतारमण का भाषण 11 बजे शुरू हुआ था, जो ढाई घंटे से ज्यादा चला.

हालांकि, लगातार ढाई घंटे बोलने के बाद भी वित्त मंत्री अपना भाषण पूरा नहीं कर पाईं. उनके गले में कुछ दिक्कत आ गई. जिसके बाद उन्होंने अपना बाकी भाषण सदन के पटल पर रख दिया. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य मंत्रियों ने अपील करते हुए कहा कि वो अपना बजट रख दें.

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