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वैज्ञानिको ने किया दावा : अब तक की सबसे अधिक दूरी पर स्थित, आकाशगंगा की खोज करने का

टीम डिजिटल : वैज्ञानिको ने इस समय की सबसे बड़ी आकाशगंगा की खोज करने का दावा किया है।इस बात की जानकारी अध्ययन भूगोल भौतिक जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में दी गई है। इसमें बताया गया है कि नेशनल रेडियों एस्ट्रोनॉमी ऑब्जर्वेटरी के खगोलविदों ने अब तक की सबसे दूर की आकाशगंगा को अटाकामा लार्ज मिलीमीटर / सबमिलिमीटर एरे का उपयोग करते हुए देखा है।

खगोलविदों ने इस आकाशगंगा का नाम एमएएमबीओ—9 रखा है। खगोलविदों ने बताया है कि बिग बैंग के केवल 970 मिलियन वर्ष बाद देखी गई एक विशाल आकाशगंगा के प्रकाश को देखा है यह अब तक देखी गई सबसे दूर की धूल से भरी आकाशगंगा है।इससे एक दशक पहले स्पेन में आईआरएएम—30 मीटर टेलीस्कोप और फ्रांस में पठार डे ब्यूर इंटरफेरोमीटर पर मैक्स-प्लैंक मिलिमीटर बोओलोमीटर साधन का उपयोग करते हुए इस आकाशगंगा की रोशनी का पता लगाया गया था।

परंतु वह अवलोकन आकाशगंगा की दूरी को प्रकट करने के लिए पर्याप्त संवेदनशील नही बन पाया था।इस आकाशगंगा की दूरी इतनी अधिक है कि यह आकाशगंगा के अस्तित्व पर भी संदेह उत्पन्न करता है क्योंकि वैज्ञानिक अन्य दूरबीनों के साथ इसका पता लगाने में असमर्थ बने हुए थे।लेकिन अटाकामा लार्ज मिलीमीटर/सबमिलीमीटर एरे की संवेदनशीलता ने इस खोज को पूर्ण करते हुए वैज्ञानिकों को एमएएमबीओ—9 आकाशगंगा की दूरी निर्धारित करने में सक्षम बनाया है।

ऑस्टिन में टेक्सास विश्वविद्यालय के केटलिन केसी और अध्ययन के प्रमुख लेखक ने इस खोज के बारे में बताया है कि शुरुआती ब्रह्मांड में धूल-तारा बनानेवाली आकाशगंगाओं की पहचान करने के लिए बनाए गए एक नए एएलएमए के सर्वेक्षण में इस आकाशगंगा की खोजा गया है और इस खोज में जो अहम बात है वह यह है कि यह अब तक की सबसे दूर की धूल भरी आकाशगंगा है, जिसे हमने अबाधित तरीके से खोज निकाला है।

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