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सुपर 30 के आनंद कुमार और 1रू गुरु दक्षिणा में पढाने वाले शिक्षक पर कब पड़ेगी सरकार की नजर

  
सुपर 30 के आनंद कुमार और 1रू गुरु दक्षिणा में पढाने वाले शिक्षक पर कब पड़ेगी सरकार की नजर

डिजिटल डेस्क : पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक हैं। ये पुरस्कार, विभिन्न क्षेत्रों जैसे कला, समाज सेवा, लोक-कार्य, विज्ञान और इंजीनियरी, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल-कूद, सिविल सेवा इत्यादि के संबंध में प्रदान किए जाते हैं, ये पुरस्कार प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर उद्घोषित किये जाते हैं तथा सामान्यतः मार्च/अप्रैल माह में राष्ट्रपति भवन में आयोजित किये जाने वाले सम्मान समारोहों में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किये जाते हैं।

इनके शैक्षणिक कार्यशैली है प्रेरणादायक।  कोई चलाता सुपर 30 तो कोई 1 रूपया गुरु दक्षिणा में पढाकर सवार रहा जीवन । सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में शामिल पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों पद्म विभूषण, पद्मभूषण और पद्मश्री में दिए जाते हैं। गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिए जाने वाले पद्म पुरस्कार देश के प्रतिस्ठित पुरस्कार में से एक है।

कौन है ये शिक्षक जिन्हें  मिलना चाहिये  पद्म पुरस्कार 

आनंद कुमार और आरके श्रीवास्तव की स्टोरी है प्रेरणादायक, बिहार के रोल मॉडल जिसे सलाम करती है पूरी दुनिया, अपनी प्रतिभा के लिए हैं मशहूर,अब हम बात कर रहे उन शिक्षकों के बारे में जो अपने शैक्षणिक कार्यशैली से लाखों युवाओं के रोल मॉडल बन चुके हैं। बिहार के चर्चित शिक्षक  आनंद कुमार और आरके श्रीवास्तव को कौन नहीं जानता, जो प्रत्येक वर्ष आर्थिक रूप से गरीब स्टूडेंट्स को इंजीनियर बना उनके सपने को पंख लगा रहे हैं। ये  बिहार के अनमोल रत्न हैं।

ये सभी शिक्षक ने आर्थिक रूप से गरीब स्टूडेंट्स को आईआईटी, एनआईटी, बीसीईसीई ,एनडीए प्रवेश परीक्षा सफ़लता दिलाकर बेहतर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रहे है। रास्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और रामनाथ कोविंद भी कर चुके है बिहार के चर्चित दोनो शिक्षक के अनूठे एकेडमिक्स की प्रशंसा,  देश के रास्ट्रपति भी मान चुके है सुपर 30 के आनंद कुमार और 1 रू में पढाने वाले आरके श्रीवास्तव का लोहा, रास्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और रामनाथ कोविंद भी कर चुके है इन बिहारी टैलेंट के शैक्षणिक कार्यशैली की प्रशंसा। 

सुपर 30 की चर्चा तो हर कोई सुना है कैसे 30 निर्धन स्टूडेंट्स के सपने को लगाते है पंख, दुसरी तरफ बिहार का एक और नाम अद्भूत तरीके से पढाने के लिये हो चूका है विश्व प्रसिद्ध, 1 रू में पढाते है बिहार के आरके श्रीवास्तव,

सुपर 30 के आनंद कुमार जैसा काम, बिहार में सिर्फ 1 रुपया लेकर गरीब बच्चों को इंजीनियर बनाते हैं ये, बिहार देशभर में अनूठे एकेडमिक्स की वजह से भी चर्चित है। सुपर 30 आनंद कुमार ( Anand Kumar) ने गरीब बच्चों को आईआईटी (IIT) जैसे संस्थानों में भेजकर ऐसी लकीर खींच दी है कि पूरी दुनिया उनके काम को सलाम करती है। एक मैथमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव (RK Srivastava) भी गज़ब तरीके से बच्चों को पढ़ाते हैं।

बिहार में सिर्फ 1 रुपया लेकर गरीब बच्चों को इंजीनियर बनाते हैं, आरके श्रीवास्तव  चुटकले और कबाड़ों के जरिए से खेल-खेल में बच्चों को गणित की मुश्किल पढ़ाई करवाते हैं। कबाड़ , जुगाड़ से खिलौने बनाकर प्रैक्टिकल में यूज करते हैं। वो सामाजिक सरोकार से गणित को जोड़कर, सवाल हल करना बताते हैं। आरके श्रीवास्तव ने 52 तरीके से पाइथागोरस प्रमेय (Pythagoras theorem) को सिद्ध कर दुनिया को हैरान कर चुके हैं।

न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया के इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षा देने वाले स्टुडेंट्स के बीच एक चर्चित नाम है 1 रूपया में पढ़ाने वाला शिक्षक। बिहार के आरके श्रीवास्तव ने मैथेमैटिक्स गुरू बन सैकङों निर्धन परिवार के स्टूडेंट्स के सपने को पंख लगा दिया।

पूरे देश की दुआएं आरके श्रीवास्तव को मिलता हैं । विदेशो में भी इन बिहारी शिक्षकों के पढाने के तरीकों को पसंद किया जाता हैं। आरके श्रीवास्तव सिर्फ 1 रुपया गुरु दक्षिणा लेकर गणित का गुर सिखाते है। अभी तक 540 स्टूडेंट्स को इंजीनियर बना उनके सपने को पंख लगा चुके है। इसके अलावा सैकड़ों आर्थिक रूप से गरीब स्टूडेंट्स को अन्य प्रतियोगी परीक्षाओ में सफलता दिला चुके है। आरके श्रीवास्तव का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ ऑफ़ रिकॉर्डस लंदन, इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, गोल्डेन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है ।

बिहार के रोहतास जिले में रहने वाले शिक्षक आरके श्रीवास्तव न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया के इंजीनियरिंग स्टुडेंट्स के बीच एक चर्चित नाम हैं। इनका ‘1 रूपया गुरु दक्षिणा’ प्रोग्राम विश्व प्रसिद्ध है। इसके तहत वे आर्थिक रूप से गरीब स्टूडेंट्स को 1 रूपया गुरु दक्षिणा लेकर इंजीनियर बना रहे।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कर चुके है आर के श्रीवास्तव के शैक्षणिक कार्यशैली की प्रशंसा

शैक्षणिक मीटिंग के दौरान मैथेमैटिक्स गुरू के नाम से महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कर चुके है सम्बोधित। आरके श्रीवास्तव ने युवाओ को हमेशा बताया की “जीतने वाले छोङते नही, छोड़ने वाले जीतते नही” के मार्ग पर हमेशा आगे बढ़े।

इनके द्वारा चलाया जा रहा नाइट क्लासेज अभियान अद्भुत, अकल्पनीय है। स्टूडेंट्स को सेल्फ स्टडी के प्रति जागरूक करने लिये 450 क्लास से अधिक बार पूरी रात लगातार 12 घंटे गणित पढ़ा चुके हैं। अन्य राज्यो के शैक्षणिक संस्थाएँ भी इन्हें गेस्ट फैकल्टी के रूप में अपने यहा शिक्षा देने के लिये बुलाते है। इनकी शैक्षणिक कार्यशैली की खबरें देश के प्रतिष्ठित अखबारों में छप चुकी हैं, विश्व प्रसिद्ध गूगल ब्वाय कौटिल्य के गुरु के रूप में भी देश इन्हें जानता है।

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