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चीन से सुरक्षित भारत पहुंचे भारतीय छात्रों का बयान, चीन के वुहान प्रांत में स्थिति बेहद गंभीर

चीन से सुरक्षित भारत पहुंचे भारतीय छात्रों का बयान, चीन के वुहान प्रांत में स्थिति बेहद गंभीर

मानेसर : भारतीय छात्रों ने मंगलवार को कहा कि कोरोनावायरस का केंद्र बन चुके चीन के वुहान प्रांत में स्थिति बेहद गंभीर है। इन 248 छात्रों को चीन से सुरक्षित भारत लाकर सेना के मानेसर शिविर में रखा गया था। सभी छात्रों को पिछले 14 दिनों से अलग से निगरानी में रखा गया था। मंगलवार को सभी को उनके घर वापस भेज दिया जाएगा।

इस दौरान मानेसर में लेफ्टिनेंट कर्नल मंजूनाथ ने छात्रों से बात करते हुए पूछा, हाउ इज द जोश? इसके उत्तर में छात्रों ने कहा, हाई सर। काफी देर तक 10 बैरकों में यह संवाद गूंजता रहा।

वहां की स्थिति को याद करते हुए उत्तराखंड के निवासी छात्र संयज ने कहा, चीन में स्थिति बेहद गंभीर है। पूरी तरह से वहां लॉक डाउन हो रखा है और हमें घरों से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। हम कई दिनों तक घरों में बंद रहे।

हाउजोंग एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में जैविक विज्ञान से पीएडी कर रहे रोहित त्यागी ने कहा, शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक हमें परिसर से बाहर जाने की इजाजत नहीं थी। चीनी अधिकारी सड़कों और इलाकों को पूरी तरह से साफ कर रहे हैं।

उन्होंने याद करते हुए कहा कि बीमारी के लक्षण नवंबर में सबसे पहले दिखने शुरू हुए थे, लेकिन किसी को भी स्थिति का अंदाजा नहीं था। एक अन्य विद्यार्थी ने कहा, एक बार जैसे ही वायरस ने फैलना शुरू किया, सरकार तुरंत हरकत में आई। वहां प्रतिबंध लगा दिए गए और हमें भीतर ही रहने को कहा गया।

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उन्होंने कहा कि सबसे पहले अमेरिका और फ्रांस ने अपने नागरिकों को वहां से निकलाना शुरू किया और जल्द ही भारत सरकार ने भी नागरिकों की चिंता करते हुए उन्हें सुरक्षित निकालने की कवायद शुरू की।

विद्यार्थियों ने उन्हें बचाने के लिए भारतीय अधिकारियों और सेना का धन्यवाद किया। छात्र त्यागी ने बल का शुक्रिया अदा किया और कहा कि पिछले 14 दिनों में सभी किसी भारतीय सैनिक के समान थे।

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