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बहुमत का नंबर गेम बढ़ाने को राजस्थान में कांग्रेस अब साध रही जाति फैक्टर

  
जयपुर, 08 अप्रैल (हि. स.)। प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों सहाड़ा, सुजानगढ़ तथा राजसमंद में हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस अपने बहुमत में नंबर गेम बढ़ाने के लिए हर वो दांव चल रही है, जो उसे नतीजों में फायदा दिला सकता है। यही कारण है कि राजनीतिक दलों ने जातीय समीकरण साधने के लिहाज से अपने नेताओं को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने अलग-अलग सीटों पर अलग-अलग जातियों को साधने के हिसाब से अपनी चुनावी रणनीति तैयार की है। जिस क्षेत्र में जिस जाति के वोटर्स का वर्चस्व है उस क्षेत्र में उसी जाति के पार्टी नेताओं को कमान सौंपी गई है। इन पार्टी नेताओं को अपनी जाति के वोटर्स को कांग्रेस के पाले में लाने का टास्क सौंपा गया है। तीनों ही सीटों पर कुछ जातियां ऐसी हैं जो प्रभावशाली हैं और हार-जीत में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। इन्हीं जातियों को साधने के लिहाज से कांग्रेस के थिंक टैंक ने अपनी रणनीति तैयार की है।

सुजानगढ़ विधानसभा सीट एससी वर्ग के लिए आरक्षित है। इस सीट पर एससी के साथ ही जाट, राजपूत, मुस्लिम, ब्राह्मण और अन्य ओबीसी जातियों का वर्चस्व है। जाट बाहुल्य इस सीट की कमान खुद पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने संभाली है। जबकि, हरीश चौधरी, रामेश्वर डूडी, महेन्द्र चौधरी, नरेन्द्र बुडानियां, कृष्णा पूनियां, पूसाराम गोदारा, बृजेंद्र ओला को जाट नेता के तौर पर तो राजपूत नेताओं में मंत्री प्रताप सिंह , भंवर सिंह भाटी और विधायक राजेंद्र गुढ़ा को प्रचार में उतारा गया है। अल्पसंख्यकों को साधने के लिए अल्पसंख्यक नेता मंत्री सालेह मोहम्मद, पूर्व मंत्री नसीम अख्तर इंसाफ, मकबूल मंडेलिया और खानू खान बुधवाली, ब्राह्मण वर्ग के मतदाताओं को साधने का जिम्मा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, विधायक भंवर लाल शर्मा, राजेंद्र पारीक और राजकुमार शर्मा तथा एससी वर्ग को साधने के लिए मंत्री ममता भूपेश, विधायक गोविंद राम मेघवाल, जेपी चंदेलिया और गंगा देवी को जिम्मेदारी दी गई है।

सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण, जाट और गुर्जर वोटर्स का बाहुल्य है। इस सीट की कमान चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा के हाथ में है। पूर्व मंत्री हरिमोहन शर्मा और रामपाल शर्मा पर भी ब्राह्मण वोटर्स को साधने की जिम्मेदारी है। यहां गुर्जर वोटर्स को साधने के लिए मंत्री अशोक चांदना, विधायक जितेंद्र सिंह, शकुंतला रावत, राजेंद्र बिधूड़ी, पूर्व विधायक धीरज गुर्जर और कांग्रेस नेता संजय गुर्जर मैदान में हैं। जबकि, जाट मतदाताओं को साधने के लिए लालचंद कटारिया, हरीश चौधरी, रामलाल जाट और रामसिंह कस्वा तथा राजपूत वर्ग को साधने की जिम्मेदारी परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, कांग्रेस नेता धर्मेंद्र सिंह राठौड़ और सेवादल के अध्यक्ष हेमसिंह शेखावत पर है।

राजसमंद विधानसभा सीट सामान्य वर्ग की है। इस सीट पर ओबीसी वर्ग के मतदाताओं का खासा प्रभाव है। यहां ओबीसी मतदाताओं को साधने के लिए मंत्री उदयलाल आंजना, सुंदर कुमावत, रतन देवासी और देवकीनंदन काका को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि वैश्य वर्ग को साधने के लिए मंत्री शांति धारीवाल और प्रमोद जैन भाया को टास्क दिया गया है। जाट नेताओं में कृषि मंत्री लाल चंद कटारिया और रामलाल जाट मैदान में है।
हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप

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