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सब्जियों में हो रहा केमिकल का प्रयोग

  
सब्जियों में हो रहा केमिकल का प्रयोग


सुपौल (निर्मली) ,26 नवंबर (हि.स.)। अधिक उपज व जल्द फसल तैयार करने की लालच में किसान आजकल अत्यधिक केमिकल का प्रयोग कर रहे हैं जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं।फल-सब्जी को अधिक बड़ा करने व अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में किसान केमिकल व ऑक्सिटॉक्सिन का प्रयोग धड़ल्ले से सब्जियों के पौधें पर कर रहे हैं ।लेकिन इसका प्रयोग करते समय किसान यह भूल जाते हैं कि इसका खामियाजा हमें भी भुगतना पड़ता हैं ।

बाजार में बिकने वाली हरी सब्जी कद्दू , घेरा ,बैगन ,कदीमा ,करैला और आलू सहित अन्य प्रकार के सब्जी को बाजार पहुंचाने से पहले न जाने कितनी बार मानव शरीर पर दुष्प्रभाव डालने वाले केमिकलों के छिड़काव से गुजरना पड़ता हैं।किसान खेतों में फल व सब्जी यों पर ऑक्सिटॉक्सिन का प्रयोग करते हैं जो रातों रात फल व सब्जी को बड़ा कर देता हैं।अभी के समय में बाजार में बिकने वाले सब्जी कददू , घेरा ,परवल ,करेला ,लौकी आदि सब्जी की अच्छी पैदावार पाने के लिए किसान खतरनाक ऑक्सिटॉक्सिन इंजेक्शन, नेपाली देशी महुवा शराब को पानी में मिलाकर खुल्लेआम छिड़काव कर रहे हैं।

खुले बाजार में ऑक्सिटॉक्सिन पर प्रतिबंध होने के बावजूद किसान इसे दवाई दुकानों से चोरी छिपे खरीद कर प्रयोग करते हैं । किसान कददू और अन्य सब्जी फसलों को बढ़ाने के लिए इसका प्रयोग कर रहे हैं ।किसानों ने कम लागत पर अधिक उपज पाने के लिए इस नये फार्मूले का इस्तेमाल कर रहें हैं । इस नये फार्मूले के तहत छिड़काव करने के बाद एक सप्ताह के अंदर फसलों का साइज में दोगुना वृद्धि हो जाती हैं । जिससे किसानों को मुनाफा भी अधिक होता हैं ।एक किसान बताया कि इस दवा के छिड़काव से कददू ,कदीमा, खीरा, आदि सब्जी का साइज रातों रात बढ़ जाता हैं ।

इससे हम लोगों को साइज बढ़ने के साथ वजन भी बढ़ जाता हैं। इस दवाई का प्रयोग फसल निकलने के सप्ताह दिन पूर्व किया जाता हैं । हमलोग यह दवा खरीदते हैं और उसे एक बोतल नेपाली देशी महुआ शराब के साथ पानी में मिलाकर छिड़काव फसलों पर करते हैं और उपज भी बढ़ जाता हैं । किसान अधिक लाभ कमाने के लिए इसका प्रयोग खुल्ले-आम कर रहे हैं । लेकिन उनको इस सब्जी को खाने वाले का सेहत की भी ध्यान रखने की जरूरत हैं । सरकार को चाहिए की इन दवाइयों पर प्रतिवंध लगाते हुए किसानों की हित की बात सोचनी चाहिए । जिससे किसानों को अपनी उपज का समर्थन मूल्य मिलने लगेगा तो किसान अपने आप इस खतरनाक केमिकलों का प्रयोग करना स्वतः बंद हो जाएगा ।

डॉ. सुरेश प्रसाद सिंह ने बताया कि ऑक्सिटॉक्सिन के शरीर में जाने से शरीर का ग्रोथ बढ़ने लगता हैं । महिलाओं में बांझपन की संभावन अधिक हो जाती है। मानव शरीर पर इसका प्रभाव काफी पड़ता हैं। जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी घट जाती हैं । किसानों को इस प्रकार की दवा का प्रयोग नहीं करना चाहिए ।जिसका मानव शरीर पर बुरा असर पड़े ।

हिन्दुस्थान समाचार/सुनील

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