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स्वप्रेरणा से स्वयंसेवकों ने 09 वस्तुएं मिलाकर तैयार किया काढ़ा, बनी पहली पसंद

  
लखनऊ, 05 मई(हि.स.)। लखनऊ के बाबूगंज निवासी श्रीकांत पेशे से वैद्य हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता के रूप में इनकी क्षेत्र में पहचान है। संघ के संगठनात्मक ढांचे में लखनऊ उत्तर के विवेकानंद नगर में यह क्षेत्र आता है और इस नगर के कार्यकर्ताओं ने श्रीकांत से विशेष औषधियुक्त काढ़ा बनाने की जानकारी कर काढ़ा तैयार किया है। कोविड संक्रमण के समय यह काढ़ा आम लोगों की पहली पसंद बन गई है।

गोकर्ण नाथ मिश्रा मार्ग निवासी दिलीप कुमार पाठक ने बताया कि नगर और भाग में संघ कार्यकर्ताओं के मध्य कोविड संक्रमण की चर्चाओं के बीच काढ़ा बनाने और उसे आवश्यकतानुसार वितरित करने को लेकर योजना बनाई गई है। 

उन्होंने बताया कि काढ़ा के निर्माण के लिए वैद्य श्रीकांत जी से सामग्री की जानकारी ली गई और इसके बाद काढ़ा को घर पर ही तैयार कराया गया। काढ़ा में दालचीनी, लौंग, काली मिर्च,अश्वगंधा,अर्जुन छाल, गिलोय, तुलसी, हल्दी और मुलेठी मिली हुई है। 

उन्होंने बताया कि यह काढ़ा स्वास्थ्य के लिए विशेष महत्व वाला है और इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए जाने के साथ ही बीमारियों से लड़ने की भी ताकत मिलती है। काढ़ा में मिलाई गई 9 वस्तुओं का अलग-अलग औषधि उपयोग है। 

 दिलीप कुमार पाठक ने स्वप्रेरणा से निर्मित काढ़ा को साथी स्वयंसेवकों के माध्यम से डालीगंज, कुतुबपुर, बाबूगंज सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में वितरित कराने में जुटे रहते हैं। इस काढ़ा की आम लोगों में अच्छी चर्चा है। 

 काढ़ा का उपयोग करने वाले सुनील बाजपेई और चंद्र प्रकाश अग्निहोत्री की मानें तो कोविड संकट से यह काढ़ा दो समय पीया जा रहा है और काढ़ा से नाक, गला, पेट पूरी तरह से साफ रहता है। ना खांसी आती है और ना बलगम बनता है। काढ़ा स्वास्थ्यवर्धक और अच्छा है।

हिन्दुस्थान समाचार/शरद

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