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लॉकडाउन का पालन कराने सुबह से ही सड़क पर उतरे अधिकारी, सतर्क रहें

  
लॉकडाउन का पालन कराने सुबह से ही सड़क पर उतरे अधिकारी, सतर्क रहें
बेगूसराय, 05 मई (हि.स.)। 
कोरोना के काफी तेजी से बढ़ते संक्रमण के कारण परिस्थिति बहुत विषम हो गई है। लोग मर रहे हैं, लेकिन लोग समझने का नाम नहीं ले रहे हैं।

संक्रमण के वायरल चैन को रोकने के लिए सरकार ने लॉकडाउन लागू कर दिया है। अति आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी सेवा ठप कर दी गई है। लोगों को घर में लॉक रहने की सलाह दी गई है, बाहर निकलने पर कानूनी और पुलिसिया कार्रवाई शुरू हो गई है। लेकिन शहर से लेकर गांव तक के लोग अभी भी प्रोटोकॉल का मजाक उड़ा रहे हैं, लोग माहौल देखने के लिए सड़क पर निकल रहे हैं। तमाम दुकानें बंद कर दी गई है, लेकिन व्यवसायी पिछले दरवाजे से भीड़ जुटाकर सामान बेच रहे हैं। शटर आधा गिराकर ग्राहक का इंतजार किया जाता है और पुलिस की गाड़ी देखते ही लोग हट जाते हैं।

लॉकडाउन का पालन कराने के लिए बुधवार की सुबह से ही जिला भर के अधिकारी एक्शन मोड में आ गए हैं। सरकार द्वारा जारी आदेश के आलोक डीएम द्वारा 15 मई तक के लिए धारा-144 लागू कर दी गई है। निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने के लिए सभी अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं तथा पूरी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सड़क पर उतर आई है। 

सभी बाजार पूरी तरह से बंद करा दिए गए हैं, सड़कों पर सघन वाहन चेकिंग किया जा रहा है। अति आवश्यक जरूरी काम से जाने वालों को ही बढ़ने दिया जा रहा है। सिमरिया गंगा घाट एवं झमटिया घाट की भी सभी दुकानें बंद करा दी गई है।

डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि वायरस जनित महामारी कोरोना के दूसरे लहर में संकलन में काफी तेजी से वृद्धि हुई है। इसके मद्देनजर लॉकडाउन लगाया गया है। धारा-144 लागू कर दी गई है, अति अनिवार्य सेवाओं को छोड़कर किसी भी लोगों के सड़क पर निकलने से, सार्वजनिक स्थानों पर जाने से रोक लगा दी गई है। निर्देश का कड़ाई से अनुपालन कराया जा रहा है, इसका उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं भारतीय दंड विधान की धारा के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इधर कुछ लोग अभी भी स्वास्थ्य विभाग की सलाह नहीं मान रहे हैं। डॉक्टर अगर होम आइसोलेशन का सलाह दे रहा है तो लोग इसे आराम से घर वालों के संग रहना मान रहे हैं। लेकिन लोग सबके साथ घर पर रह रहे हैं और घर का काम कर रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्र के लोग जो पहली लहर में बचे हुए थे वो भी प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन गांवों में लोग अब भी जागरूक नजर नहीं आ रहे हैं, जिनको होम आइसोलेशन का सलाह दिया गया है वो भी घर में भी मास्क नहीं लगा रहे हैंं। जिनके घरों में पर्चा लगाया गया है वो भी बाहर निकलकर टहल रहे हैं। ऐसी स्थिति में संक्रमण फैलने का खतरा और भी तेजी से फैल रहा है। लोगों को होम आइसोलेशन के महत्व को समझना होगा। यह कोई मजाक नहीं है और कड़ाई के साथ होम आइसोलेशन के प्रोटोकॉल का पालन करना होगाा, तभी संक्रमण का खतरा कम होगा।

हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र

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