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दंतेवाड़ा : नक्सलियों के विरोध के बावजूद बारसूर के छिंदनार घाट का पुल बना

  
दंतेवाड़ा : नक्सलियों के विरोध के बावजूद बारसूर के छिंदनार घाट का पुल बना


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इस पुल को माना जा रहा है अबूझमाड़ का दक्षिणी प्रवेश द्वार

दंतेवाड़ा, 26 नवंबर (हि.स.)। जिले के बारसूर इलाके में लगभग तीन वर्ष पहले इंद्रावती पर दो पुल निर्माण की योजना बनी थी, जिसमें छिंदनार को पाहुरनार से जोड़ती पहली पुल बनकर तैयार है। वही करका घाट पर करका गांव को जोड़ने दूसरा पुल निर्माणाधीन है। अब इस पुल के बन जाने से दंतेवाड़ा के रास्ते अबूझमाड़ के सरहदी गांवों तक पहुंचना आसान हो जायेगा। नक्सल प्रभावित इलाके में छह सौ मीटर से अधिक चौड़ी इंद्रावती पर किसी उच्चस्तर पुल की परिकल्पना को मूर्त रूप दे पाना सरकार और पुलिस दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण था।

इस पुल निर्माण का विरोध नक्सली शुरू से करते रहे, बावजूद तमाम विरोध, चुनौतियों को पार कर छिंदनार से पाहुरनार तक 689 मीटर लंबा पुल का निर्माण 14 माह में पूरा कर लिया गया है। वहीं छिंदनार के ठीक समानांतर करका घाट पर भी इस समय दूसरे पुल का निर्माण कार्य जारी है। छिंदनार में तैयार पुल ना सिर्फ पाहुरनार को बल्कि दंतेवाड़ा जिले के अलावा इसे अबूझमाड़ का दक्षिणी प्रवेश द्वार भी माना जा रहा है। इस पुल से दंतेवाड़ा के कुछ गांवों को पार करते ही नारायणपुर जिले का ओरछा ब्लॉक की सीमा शुरू हो जाती है। इसी इलाके में हांदावाड़ा जलप्रपात भी है, जो प्रदेश के उंचे और सबसे खूबसूरत जलप्रपातों में शुमार है।

उल्लेखनीय है कि फरवरी 2019 में छिंदनार पुल के लिए की स्टोन इंफ्रा कंपनी को अनुबंध मिलने के बाद लगभग पांच से छह महीने देरी से यहां कार्य आरंभ हुआ। शुरुआती दौर में कंपनी के कर्मचारियों को नक्सलियों की तरफ से धमकियां भी मिली। पुल के विरोध में रैलियां भी हुई, जिसके बाद निर्माण कार्य को गति और सुरक्षा प्रदान करने के लिए छिंदनार पर सुरक्षा बल का कैम्प स्थापित हुआ। हालांकि कैम्प बैठने के बाद भी यहां नक्सली हलचल कम नहीं हुई। पाहुरनार के नजदीक प्रेशर आईईडी की जद में आने से एक जवान की शहादत भी हुई। नक्सली तांड़व के भय और विरोध के बीच पुल निर्माण कार्य जारी रहा। डेढ़ सौ से ज्यादा मजदूर, चार इंजीनियर, एक प्रोजेक्ट मैनेजर और एक इंचार्ज की देखरेख में 689 मीटर लम्बे और 8.4 मीटर चौड़े छिंदनार-पाहुरनार पुल को 14 माह में पूरा किया जाना बड़ी उपलब्धि है।

बस्तर आईजी सुंदर राज पी.ने बताया कि दक्षिण बस्तर में जवानों की सुरक्षा में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। इस इलाके में अलग अलग स्थानों में चार पुल का निर्माण होना है, जिसमें से एक छिंदनार को पहुंआर से जोड़ने वाला पुल बनकर तैयार हो गया है, जल्द ही इसका उद्घाटन हो जाएगा। यह पुल सुरक्षा की दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

हिन्दुस्थान समाचार/राकेश पांडे

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