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किसानों और मजदूरों ने संघर्ष का एक पड़ाव किया पार : डॉ विक्रम

  
किसानों और मजदूरों ने संघर्ष का एक पड़ाव किया पार : डॉ विक्रम


किसान- मजदूर पंचायत


रांची, 26 नवम्बर (हि.स.)। दिल्ली बॉर्डर से आए अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के संयुक्त मंत्री डॉ विक्रम सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से कृषि कानून के वापसी की घोषणा जनवादी आंदोलन की बड़ी जीत है। सिंह शुक्रवार को राजभवन के समक्ष आयोजित किसान-मजदूर पंचायत को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के संघर्ष का एक पड़ाव पार किया है लेकिन देश के किसानों मजदूरों को केंद्र सरकार पर भरोसा नहीं है। क्योंकि, किसानों की अन्य मांगों पर उन्होंने कुछ नहीं कहा है। इसलिए किसानों ने भी कमर कस ली है कि जब तक एसएसपी कानून की गारंटी, बिजली बिल (संशोधन) बिल की वापसी, मौत के शिकार हुए किसानों के परिवार को मुआवजा, श्रमिक विरोधी चार लेबर कोड को निरस्त करना और गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी नहीं होती है। तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अभी आधी जीत हुई है।

पंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेता और पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि किसान आंदोलन आजादी के बाद का सबसे बड़ा आंदोलन है, जिसने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रतिरोध की एक मजबूत दीवार खड़ी कर दी है।

पंचायत को सीटू के अध्यक्ष मिथिलेश सिंह ,राज्य सचिव प्रकाश विप्लव अनिर्वान बोस,एआईकेएस के के. डी. सिंह, महेंद्र पाठक, अजय सिंह, एटक के पी. के. पांडे एक्टू के शुभेदु सेन, भुवनेश्वर केवट झारखंड राज्य किसान सभा के सूरजीत सिन्हा, सुफल महतो, किसान संग्राम समिति के राजेंद्र गोप, एआईकेकेएस के विमल दास, मिंटू पासवान आदिवासी अधिकार मंच के प्रफुल्ल लिंडा और एडवा की वीणा लिंडा समेत अन्य किसान मजदूर नेताओं ने संबोधित किया।

हिन्दुस्थान समाचार/ विकास

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