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श्रम कोड बिल वापस लेने और दो सरकारी बैंकों का निजीकरण रोकने की मांग

  
श्रम कोड बिल वापस लेने और दो सरकारी बैंकों का निजीकरण रोकने की मांग


उदयपुर, 26 नवम्बर (हि.स.)। केन्द्रीय श्रमिक संगठनों की समन्वय समिति तीनों कृषि कानूनों की तरह चारों श्रम कोड बिल वापस लेने एवं दो सरकारी बैंकों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की है।

केन्द्रीय श्रमिक संगठनों की समन्वय समिति के संयोजक पी.एस.खींची ने बताया कि इस मांग को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया। खींची ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा चार श्रम कोड बिल पूर्व में पारित किये गये हैं, इन्हें वापस लेकर 44 श्रम कानूनों को पुनः बहाल किया जाए, ताकि देश में श्रमिक और मालिकों के बीच अच्छे औद्योगिक सम्बन्ध स्थापित हो सके। दूसरी ओर केन्द्र सरकार दो सरकारी बैंकों का निजीकरण करने के लिए आने वाले संसदीय सत्र में बिल रखने का विचार कर रही है, उसे रोका जाना देश हित में आवश्यक होगा। पहले ही 28 सार्वजनिक बैंकों का विलय करके 12 बैंक ही बचे है जो देश को पूंजीवाद की तरफ ले जायेंगे।

ज्ञापन में मांग की गई कि केन्द्र सरकार के ये कदम संविधान स्थापना के उद्देश्यों के विरूद्ध हैं। ऐसे में केन्द्र सरकार को देश हित में श्रम कोड बिल वापस लेने के साथ ही सरकारी बैंको के निजीकरण पर रोक लगानी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल/संदीप

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