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बंशी पहाड़पुर सेंड स्टोन खनन प्लॉटों की ई-नीलामी में ही मिली रिजर्व प्राइस से 19 गुणा से अधिक राशि

  
बंशी पहाड़पुर सेंड स्टोन खनन प्लॉटों की ई-नीलामी में ही मिली रिजर्व प्राइस से 19 गुणा से अधिक राशि


जयपुर, 26 नवंबर (हि.स.)। बंशी पहाड़पुर क्षेत्र के बी ब्लॉक के 30 प्लाटों में से 28 प्लॉटों की नीलामी में राज्य सरकार को रिजर्व दरों से करीब करीब 20 गुणा अधिक राशि मिली है। प्लॉट नंबर 13 में किसी के बोली नहीं लगाने और प्लॉट नंबर 26 में एक ही बोली दाता होने से इन दोनों प्लॉटों की दुबारा नीलामी की जाएगी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम एवं एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि माइंस विभाग ने बंशी पहाडपुर क्षेत्र में 10 नवंबर से 39 खनन प्लॉटों की ई नीलामी शुरु की है। बंशी पहाड़पुर के 135.94 हैक्टेयर क्षेत्र के 30 खनन प्लाटों की ई नीलामी 10 नवंबर से शुरु हुई है जो 24 नवंबर को पूरी हो चुकी है। वहीं 94.70 हैक्टेयर क्षेत्र के 9 खनन प्लॉटों की नीलामी 25 नवंबर से आरंभ हो गई है और यह नीलामी 3 दिसंबर तक चलेगी। नीलामी की यह प्रक्रिया भारत सरकार के पोर्टल एमएसटीसी के माध्यम से की जा रही है।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रयासों से ही बंशी पहाड़पुर जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्र में वैध खनन की राह प्रशस्त हो सकी है। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने राम मंदिर सहित देश भर में बंशी पहाड़पुर के गुलाबी और लाल पत्थर की मांग को देखते हुए यहां हो रहे अवैध खनन को रोककर वैध खनन की अनुमति के लिए सभी संभावित प्रयास करने के निर्देश देने के साथ ही स्वयं के स्तर पर प्रयास किए और गहलोत के प्रयासों से ही वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र से बाहर करने और वन भूमि के डायवर्जन की अनुमति प्राप्त हो सकी। इस पत्थर की राम मंदिर निर्माण में भी मांग को देखते हुए इस इलाके में वैध माइंनिग करवाना राज्य सरकार के लिए संवेदनशील रहा है।

माइंस एवं पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बताया कि बंशी पहाड़पुर के बी ब्लॉक की ई नीलामी के प्रति रेस्पांस को देखते हुए विभाग उत्साहित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ए ब्लॉक के 9 प्लॉटोें की भी ई नीलामी में राज्य सरकार को अच्छा राजस्व मिलने की संभावना है।

एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि बंशी पहाड़पुर क्षेत्र में खनन पट्टे जारी होने से इस क्षेत्र में अवैद्य खनन पर प्रभारी रोक व अवैध खनन के कारण होने वाली अवैधानिक गतिविधियां और स्थानीय प्रशासन के सामने आने वाली कानून व्यवस्था की समस्या का समाधान हो सकेगा।

हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप

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