"क्योंकि सच जानना आपका हक है"

×
doon Horizon

शोध संस्थान डेरी में दो दिवसीय परिसंवाद 4 दिसंबर से

  
शोध संस्थान डेरी में दो दिवसीय परिसंवाद 4 दिसंबर से


शोध संस्थान नेरी में दो दिवसीय परिसंवाद


हमीरपुर, 26 नवंबर (हि. स.)। भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में राष्ट्रीय परिदृश्य में समाज के सामने नहीं आ पाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को पहचान दिलाने के लिए ठाकुर जगदेव चंद स्मृति शोध संस्थान नेरी संस्थान ने पहल की है। इस ध्येय को लेकर शोध संस्थान ने स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के अंतर्गत आज़ादी का अमृत महोत्सव पर दो दिवसीय राष्ट्रीय परिसंवाद का आयोजन 4-5 दिसम्बर को किया करने जा रहा है। परिसंवाद के दौरान ही तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा। प्रथम संस्करण में इन पुस्तकों में 32 स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों का उल्लेख होगा।

भारतीय स्वाधीनता आन्दोलनः वृतान्त, स्मृतियां एवं नेपथ्य नायक’ विषय पर आयोजित इस राष्ट्रीय परिसंवाद में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उतर प्रदेश, हेदराबाद, जम्मू सिक्किम व दक्षिण भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों व शोध केन्द्रों के लगभग 150 से अधिक शोधार्थी, विद्यार्थी व विद्वान शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।

राष्ट्रीय परिसंवाद की जानकारी देते हुए शोध संस्थान के निदेशक डॉ. चेतराम गर्ग ने बताया कि राष्ट्रीय परिसंवाद का विषय ’भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन : वृतान्त, स्मृतियाँ एवं नेपथ्य नायक“ है। राष्ट्रीय परिसंवाद में हम हिमाचल प्रदेश का स्वाधीनता संग्राम में वैचारिक एवं भौतिक योगदान पर विचार करने के लिए अभिप्रेरित है तथा इसके प्रसार एवं अनुसन्धान नए रास्ते खोलने को लेकर भी प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि संस्थान ने भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में राष्ट्रीय परिदृश्य में समाज के सामने नहीं आ पाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को पहचान दिलाने की कोशिश की है । उन्होने कहा कि संवाद के दौरान राष्ट्रीयस्तर के विद्वानों के द्वारा किए गए शोध पर मंथन किया जाएगा ।

परिसंवाद के सह संयोजक डॉ. राकेश शर्मा ने बताया कि इस राष्ट्रीय परिसंवाद समारोह में उद्घाटन सत्र के मुख्याथिति महामहिम राज्यपाल माननीय राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध पुरातत्वविद् प्रोफेसर बसंत शिंदे पूर्व कुलपति दक्कन विश्वविद्यालय पुणे महाराष्ट्र करने वाले है। देशभर से आए विद्वानों के साथ तीन दिनों तक वे शोध संस्थान में रहेंगे।

परिसंवाद का बीज व्यक्तव्य प्रो. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री सलाहकार संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं पूर्व कुलपति केन्द्रीय विश्वविद्यालय हि.प्र. का रहेगा। उन्होंने बताया की समापन समारोह में प्रो. प्रेम कुमार धूमल पूर्व मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश मुख्याथिति रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. कुमार रत्नम सदस्य सचिव भारतीय इतिहास अनुसन्धान परिषद नई दिल्ली करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार/विशाल/सुनील

फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें, साथ ही और भी Hindi News ( हिंदी समाचार ) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें.

Share this story