"क्योंकि सच जानना आपका हक है"

×
doon Horizon

सूखत की राशि अब तक समितियों को नहीं, 25 से आंदोलन

  
सूखत की राशि अब तक समितियों को नहीं, 25 से आंदोलन


धमतरी , 23 अक्टूबर (हि.स.)।छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर के प्रांतीय संगठन के आह्वान पर लंबित पांच सूत्रीय मांगों को पूरा कराने सहकारी समिति कर्मचारी संघ जिला धमतरी इकाई की कार्यकारिणी बैठक ,बठेना सोसाइटी में 23 अक्टूबर को हुई।

बैठक में महासंघ के आह्वान पर 25 अक्टूबर को विंध्यवासिनी मंदिर के पीछे सामूहिक अवकाश लेकर संस्था प्रबंधक, लेखापाल, लिपिक सह आपरेटर, विक्रेता, भृत्य, चौकीदार आदि सभी धरना स्थल पर 12 बजे एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर रैली निकालेंगे। मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। मांगे पूरी नहीं होने पर आठ नवंबर से सामूहिक अवकाश लेकर तालाबंदी करते हुए धान खरीदी का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन आंदोलन बूढ़ा तालाब रायपुर में समितियों से सभी कर्मचारी जिला से शामिल होने का निर्णय लिया है। उनके हड़ताल में जाने से धान खरीद तैयारी, धान पंजीयन, राशन वितरण आदि कार्य प्रभावित होगी।

संघ के जिलाध्यक्ष नरेंद्र साहू ने बताया कि उनकी पांच सूत्रीय मांगों में पिछले वर्ष धान खरीदी की परिवहन में हुई देरी के चलते आई सूखत की राशि समितियों को देने मांग की है। प्रासंगिक सुरक्षा में वृद्धि करने, सम्मानजनक वेतन पाने के लिए कर्मचारियों को वेतन अनुदान देते हुए शासकीय कर्मचारियों की भांति नियमित करते हुए सुविधाओं का लाभ देने, सेवा नियम 2018 को संशोधन करने मांग की है। धान खरीदी नीति, परिवहन नीति में संशोधन कर संगठन के पदाधिकारियों को कमेटी में रखने और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के रिक्त पदों पर सोसाइटी के कर्मचारियों को 100 प्रतिशत संयोजन करते हुए उम्र बंधन एवं योग्यता को शिथिल करने की मांग की है। दो माह पहले पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन आंदोलन नौ दिनों तक किया गया था। विधानसभा का घेराव भी किया था, जिस पर छत्तीसगढ़ शासन ने सहकारिता एवं खाद्य विभाग की उप समिति मंत्रिमंडल का गठन किया गया था। महासंघ के पदाधिकारियों को आमंत्रित कर मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई थी।

सहकारिता मंत्री , पंजीयक सत्यनारायण शर्मा ,बैजनाथ चंद्राकर ,पंकज शर्मा सबके बीच में महासंघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ मांगों को पूरा करने आश्वासन दिया गया था किंतु हड़ताल के दो महीने बाद भी कैबिनेट में किसी प्रकार निर्णय नहीं लिया गया।

उल्लेखनीय है कि कई सोसाइटी में धान खरीदी करने के लिए, वेतन के लिए पैसा नहीं है। शासन ने पिछले वर्ष के धान खरीदी कमीशन नहीं दिया है। शासन अब पुन: धान खरीदी की तैयारी की बात कर रही है। ब्याज अनुदान की राशि मिली नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों में आक्रोश है।

हिन्दुस्थान समाचार/ रोशन सिन्हा

फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें, साथ ही और भी Hindi News ( हिंदी समाचार ) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें.

Share this story