"क्योंकि सच जानना आपका हक है"

×
doon Horizon

गोरखा रेजिमेंट के असाधारण शौर्य और बलिदान का प्रतीक सैनिक संग्रहालय आम लोगों के लिए खुला

  
गोरखा रेजिमेंट के असाधारण शौर्य और बलिदान का प्रतीक सैनिक संग्रहालय आम लोगों के लिए खुला


असाधारण शौर्य और बलिदान का प्रतीक सैनिक संग्रहालय: फोटो बच्चा गुप्ता


असाधारण शौर्य और बलिदान का प्रतीक सैनिक संग्रहालय: फोटो बच्चा गुप्ता


-आम जन जानेंगे भारतीय सेना का गौरवशाली इतिहास और बलिदान

-चाइना-पाक युद्ध से जुड़े हथियार देख स्कूली बच्चे हुए रोमांचित

वाराणसी,26 नवम्बर (हि.स.)। धर्म नगरी काशी के स्कूली बच्चे और आमजन भी भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास और चाइना-पाक युद्ध से जुड़े हथियार देख सकेंगे। छावनी क्षेत्र स्थित 39 जीटीसी के मोटिवेशनल हॉल (म्यूजियम) में सेना खास कर गोरखा रेजिमेंट के असाधारण पराक्रम और वीरता से जुड़े दस्तावेजों और युद्धक हथियारों के बारे में भी बताया जाएगा। कमांडिंग अफसर ब्रिगेडियर हुकुम सिंह बैसला के निर्देश पर शुक्रवार से सैनिक संग्रहालय आम जन के लिए खोल दिया गया। पहले दिन आर्मी पब्लिक स्कूल व केंद्रीय विद्यालय के बच्चे दर्जनों की संख्या में कमांडिंग अफसर की मौजूदगी में संग्रहालय में पहुंचे। संग्रहालय में रखे हथियार को लेकर बच्चों में जबरदस्त उत्साह रहा। विभिन्न युद्धों में हिस्सा ले चुके हथियारों के बारे में बच्चे सवाल करते रहे तो सेना के अधिकारी भी उन्हें प्रेम से बताते रहे।

सैन्य अफसरों के अनुसार 39 जीटीसी का मोटिवेशनल हॉल (म्यूजियम) पहले सिर्फ सैनिकों के लिए ही खुलता था लेकिन कमांडिंग अफसर ब्रिगेडियर हुकुम सिंह बैसला के निर्देश पर अब सभी के लिए सप्ताह में दो दिन खोला गया है । लोग मंगलवार व शुक्रवार को सायंकाल 04-06 बजे के बीच सैनिक संग्रहालय का नि:शुल्क भ्रमण कर पाएंगे। म्यूजियम खोलने का उद्देश्य है -अवाम 3 और 9 गोरखा रेजिमेंट के सैनिकों की असाधारण वीरता,पराक्रम,शौर्य और बलिदान के बारे में जान सके। वीर सैनिकों के त्याग और बलिदान को जान स्कूली बच्चे भी भारतीय सेना में आने के लिए उत्साहित रहे। अफसरों ने बताया कि ये 3 और 9 सैनिक संग्रहालय गोरखा बटालियन के गौरवमयी इतिहास व उसके साहस और पराक्रम को बताता है। साथ ही प्रथम विश्व युद्ध,दूसरे विश्वयुद्ध,1962, 1965, 1971, 1999 के युद्ध में गोरखा रेजिमेंट के शौर्य बलिदान की याद भी दिलाता है। इन युद्धों में प्रयोग किए गए हथियार इस संग्रहालय की विशेषता है। इसमें दुश्मन देशों से छीने गए हथियार और उपकरण भी रखे गए हैं। अफसरों के अनुसार संग्रहालय में रखे युद्धक हथियारों के बारे में भी सेना के अधिकारी लोगों को बता रहे हैं ताकि युद्ध की जटिलता और उसकी रणनीति आम जनता समझ सके।

हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर

फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें, साथ ही और भी Hindi News ( हिंदी समाचार ) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें.

Share this story