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बीएसफ ने लगाई पाकिस्तान को पराजित करने वाले 1971 के युद्ध की फोटो प्रदर्शनी

  
बीएसफ ने लगाई पाकिस्तान को पराजित करने वाले 1971 के युद्ध की फोटो प्रदर्शनी


कोलकाता, 26 नवंबर (हि.स.)। बांग्लादेश की आजादी के लिए पाकिस्तान के खिलाफ लड़े गए ऐतिहासिक 1971 के मुक्ति युद्ध के वीरों के प्रति श्रद्धांजलि और युवाओं को प्रेरित करने के लिए सीमा पर बीएसएफ ने एक फोटो प्रदर्शनी लगाई है। बांग्लादेश में भी फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है।

मुक्ति संग्राम की स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य आज बांग्लादेश में कई आयोजन किए गए हैं। भारतीय सशस्त्र बलों ने इस मुक्ति युद्ध में अहम भूमिका निभाते हुए पाकिस्तान को धूल चटाई थी। इसके बाद बांग्लादेश के रूप में एक नए राष्ट्र का उदय हुआ था। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर मिली ऐतिहासिक जीत के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भारत में भी स्वर्णिम विजय वर्ष मनाया जा रहा है। सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) समेत विभिन्न सुरक्षा बलों ने विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किए हैं।

इसी कड़ी में बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में तैनात बीएसएफ की 153वीं बटालियन ने कमांडेंट जवाहर सिंह नेगी के मार्गदर्शन में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित आइसीपी घोजाडांगा इलाके में एक यादगार फोटो प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें 1971 के युद्ध से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरें प्रदर्शित की गई। इस प्रदर्शनी को देखने के लिए सीमावर्ती इलाके के गांववासियों तथा बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस प्रदर्शनी में सीमा सुरक्षा बल ने देश विरोधी तत्वों के नापाक मंसूबों को विफल करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे नवीनतम रक्षा प्रौद्योगिकियों और उपकरणों को भी चित्र के जरिए प्रदर्शित किया है। इस दौरान खासकर बच्चों को इस प्रदर्शनी के माध्यम से नवीनतम रक्षा तकनीक के बारे में जानकारी दी जा रही है।

इस मौके पर बटालियन के कमांडेंट जवाहर सिंह नेगी ने प्रदर्शनी के दौरान खुद सीमावर्ती लोगों व स्थानीय युवाओं को 1971 के युद्ध में बीएसएफ व भारतीय सशस्त्र बलों के योगदान से अवगत कराया और उनकी वीरता के किस्से सुनाए। उन्होंने स्थानीय युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित भी किया। कमांडेंट नेगी ने कहा कि यह प्रदर्शनी उन सैनिकों की वीरता और साहस को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित की गई है, जिन्होंने युद्ध में सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसके कारण 1971 में बांग्लादेश के रूप में एक नए राष्ट्र का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के विकास और स्वायत्तता में भारतीय सशस्त्र बलों ने अपनी कुर्बानी दी है। इन यादों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम प्रकाश

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