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उत्तराखंड को 15वें वित्त आयोग ने दी यह राहत, आपदा प्रबंधन के तहत मिलेंगे 1071 करोड़ रुपये

उत्तराखंड को ही 15वें वित्त आयोग ने दी यह राहत, आपदा प्रबंधन के तहत मिलेंगे 1071 करोड़ रुपये

देहरादून : भूकंप और भूस्खलन के प्रबंधन के लिए उत्तराखंड को 15वें वित्त आयोग की संस्तुति पर अलग से 50 करोड़ रुपए मिलेंगे। वित्त आयोग ने हिमाचल के लिए भी यह संस्तुति दी है।

वित्त आयोग ने इस बार आपदा प्रबंधन के तहत केंद्र और राज्य के स्तर पर पैसों की बंटवारे का तरीका बदल दिया है। अभी तक सारी धनराशि केंद्र के पास ही रहती थी।

अब यह राज्य और केंद्र में अलग-अलग स्तर पर रहेगी। अभी तक राज्य को आपदा राहत निधि में 274 करोड़ मिलते थे। इसे बढ़ाकर 1041 करोड़ कर दी गई है। इसमें केंद्र की हिस्सेदारी 937 करोड़ और राज्य की हिस्सेदारी 104 करोड़ है।

इसके साथ ही उत्तराखंड को भूकंप और भूस्खलन के प्रबंधन के लिए 50 करोड़ अलग से मिलेंगे। हिमाचल को छोड़कर अन्य सभी पर्वतीय राज्याें को इस मद में कुल 50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

वित्त आयोग के सामने पुरजोर पैरवी का नतीजा

15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के सामने आने के बाद प्रदेश सरकार की बांछें भी खिल गई हैं। मसूरी में आयोजित हिमालय कान्क्लेव में वित्त आयोग के सामने भी हिमालयी राज्यों ने पर्वतीय प्रदेशों को अधिक धनराशि देने की मांग की थी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि यह वित्त आयोग के सामने पुरजोर पैरवी का नतीजा है।

सीएम के मुताबिक 15वें वित्त आयोग ने केंद्र के टैक्स में राज्यों की हिस्सेदारी के फार्मूले में वनों का अंश 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर दस किया है। इससे उत्तराखंड को खासा फायदा हुआ है। इसे ग्रीन बोनस के रूप में भी देखा जा सकता है। 14वें वित्त आयोग ने शहरी स्थानीय निकायों और पंचायतों को कुल मिलाकर 704 करोड़ दिए थे।

15वें वित्त आयोग ने 852 करोड़ रुपये की संस्तुति की है। यह बढ़ोतरी 21 प्रतिशत है। राज्य को 2000 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान भी मिलेगा। कुल मिलाकर राज्य को हर साल करीब 400 करोड़ के लाभ का अनुमान है।

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