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अल्मोड़ा : जिले में तीन माह से वेतन नहीं मिलने पर भड़के प्रधानाचार्य

  

अल्मोड़ा : जिले में तीन माह से अशासकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने से प्रधानाचार्य भड़क गये हैं। उन्होंने जल्द वेतन नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

उत्तरांचल प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष हिमांशु तिवारी ने कहा कि जिले के 33 अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और कर्मचारियों को तीन माह से वेतन नहीं दिया गया है। इससे 500 से अधिक शिक्षक कर्मचारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।

वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों घर का खर्चा चलाना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में शिक्षक बच्चों को ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। कई शिक्षक कोरोना महामारी के बीच जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहे हैं।

आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार सरकारी और अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवस्था कर रही है। जिससे अशासकीय विद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारियों में आक्रोश है।

उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा मेरिट में भी अशासकीय विद्यालयों के छात्रों को बेहद शानदार प्रदर्शन रहता है। इसके बाद भी इन विद्यालयों के शिक्षक कर्मचारियों से भेदभाव करना खेद जनक है। वक्ताओं ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा देहरादून के 1 सितंबर को जारी निर्देश पत्र में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक एवं कार्यालय लिपिकों की नियुक्ति संबंधी विज्ञापन की अनुमति दी गई है।

इस पर शिक्षकों के नियुक्ति संबंधी उल्लेख नहीं होने पर भी आक्रोश है। जल्द मांग नहीं मानने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। नाराजगी जताने वालों में जिला उपाध्यक्ष विनय विलसन, जिला उपाध्यक्ष भावना पाठक, जिला मंत्री दीपक फुलोरिया, जिला कोषाध्यक्ष केवल चंद्र टम्टा, मीडिया प्रभारी सुरेंद्र सिंह बिष्ट आदि शामिल रहे।

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