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कोरोना वायरस : चीन से स्वदेश लौटे दंपती की 11 माह की बच्ची को आया बुखार, पर नहीं मानी डॉक्टरों की बात

रुद्रपुर : कोरोना वायरस से घबराकर चीन के शंघाई शहर से स्वदेश लौटे दंपती की 11 माह की बच्ची को रविवार रात बुखार आने पर सोमवार को जिला अस्पताल में उसकी मेडिकल जांच की गई। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची का सैंपल पुणे स्थित लैब में भेजा जाएगा। वहीं, हिदायत देने के बावजूद दंपती
  

कोरोना वायरस : चीन से स्वदेश लौटे दंपती की 11 माह की बच्ची को आया बुखार, पर नहीं मानी डॉक्टरों की बात

रुद्रपुर : कोरोना वायरस से घबराकर चीन के शंघाई शहर से स्वदेश लौटे दंपती की 11 माह की बच्ची को रविवार रात बुखार आने पर सोमवार को जिला अस्पताल में उसकी मेडिकल जांच की गई।

डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची का सैंपल पुणे स्थित लैब में भेजा जाएगा। वहीं, हिदायत देने के बावजूद दंपती ने बच्ची को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती नहीं कराया और उसे घर ले गए।

चीन में नौकरी कर रहे शक्तिफार्म निवासी दंपती कोरोना वायरस के प्रकोप से घबराकर 26 जनवरी को शंघाई से नई दिल्ली की फ्लाइट पकड़कर स्वदेश लौट आए थे। दिल्ली एयरपोर्ट में मौजूद डॉक्टरों ने कोरोना वायरस के चलते उनकी थर्मल जांच की।

जांच में वह खतरे से बाहर बताए गए थे। इसके बाद जब वह ऊधमसिंह नगर पहुंचे तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन्हें काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था।

तीन लेयर की पैकिंग में भेजा गया सैंपल

काउंसलिंग में उन्हें बताया गया था कि किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर वे स्वास्थ्य विभाग को अपडेट देंगे। रविवार रात बच्ची को हल्का बुखार होने पर दंपती ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी। स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें जिला अस्पताल में बच्ची की मेडिकल जांच के लिए बुलाया।

इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. आरडी भट्ट ने बताया कि बच्ची को हल्का बुखार था। परिजनों को हिदायत दी गई कि वे बच्ची को 15 दिन तक आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराएं लेकिन परिजनों ने बच्ची के घर में ज्यादा सुरक्षित रहने की बात कही और उसे लेकर चले गए।

एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि समझाए जाने के बावजूद परिजनों ने बच्ची को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती नहीं कराया और उसे घर ले गए। उन्होंने बताया कि बच्ची के सैंपल को पुणे स्थित लैब में विशेष तरह की थ्री लेयर पैकिंग में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा।

झूलाघाट, धारचूला और बनबसा में 803 लोगों की जांच

कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय झूलापुलों पर सतर्कता बरती जा रही है। धारचूला झूला पुल पर 20, बलुवाकोट पुल पर 20 और झूलाघाट में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नेपाल से आने वाले 47 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

बनबसा से लगी भारत-नेपाल सीमा पर पिछले नौ दिनों में नेपाल से भारत आने वाले 716 लोगों की जांच की गई। सोमवार को 103 लोगों का स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया।

धारचूला झूला पुल पर डॉ. किशोर सिर्खाल, फार्मासिस्ट देवेंद्र ने 20 लोगों का परीक्षण किया। साथ ही 50 से अधिक लोगों को कोरोना वायरस के बारे में जानकारी दी। बलुवाकोट पुल पर डॉ. रमेश खाती, फार्मासिस्ट भुवन चंद्र भट्ट ने 20 लोगों का परीक्षण किया। साथ ही 30 से अधिक लोगों को वायरस के लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी।

50 लोगों को वाइरस के बारे में बताया

जौलजीबी झूलापुल पर डॉ. रमेश गर्ब्याल की टीम ने 50 लोगों को वाइरस के बारे में बताया। धारचूला में तीन शिफ्टों में स्वास्थ्य विभाग की टीम एसएसबी के जवानों के साथ कैंप लगा रही है।

बनबसा अस्पताल के डा. मो. उमर ने बताया कि बनबसा से लगी भारत-नेपाल सीमा पर पिछले नौ दिनों में नेपाल से भारत आने वाले 716 लोगों की जांच की गई। सोमवार को 103 लोगों का स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया।

नेपाल से भारत आने वालों की जांच के लिए एसएसबी 57वीं वाहिनी की ई कंपनी की बीओपी, इमिग्रेशन चेकपोस्ट के अलावा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें कोरोना वायरस के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

फार्मासिस्ट प्रकाश भट्ट, एसएसबी ई कंपनी कमांडर पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जवान सहयोग दे रहे हैं। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि पूरे जिले के स्वास्थ्य महकमे को सतर्क किया गया है। नेपाल लगी सीमाओं पर विशेष स्वास्थ्य परीक्षण दस्ते कार्य कर रहे हैं।

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