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अगर आप भी पाना चाहते है सरकारी नौकरी, तो अपनाएं ये सटीक उपाय

  

न्यूज़ डेस्क : नौकरी पाने के लिए लोग दिन रात मेहनत करते हैं। कुछ लोगों को जैसे-तैसे नौकरी तो मिल जाती लेकिन उन्हें वहां काम करना रास नहीं आता। बिजनेस करने के बाद भी कोई लाभ नहीं मिलता।

नौकरी पाने के लिए जो भी आप प्रयास कर रहे हैं उसमें आप के भाग्य का साथ होना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप को कुछ उपाय़ भी करने चाहिए ताकि आप की तरक्की, मौकरी या बिजनेस में जो भी बाधाएं आ रही हैं वो दूर हो जाएं।

इसके लिए हम आप को कुछ ज्योतिष उपाय भी बता रहे हैं जो आपको नौकरी दिलाने और नौकरी या बिजनेस को बनाए रखने में मदद करेंगे।

करीब 300 ग्राम काली उड़द की दाल लें और उसका आटा पीस लें। अब इस आटे को गूथ लें और खमीर उठने दें। अब इस आटे की एक रोटी बनाएं। रोटी धीमी आंच पर बनांए ताकि इसकी गोलियां बनाई जा सकें। जब रोटी हल्की सिंक जाए तो उसे उतार लें। अब इस रोटी का एक तिहाई हिस्सा तोड़ कर किसी काले कपड़े में बांध लें। बाकि की रोटी की 101 गोलियां बनाएं। अब आप नदी या तालाब पर जांए जहां मछलियां हों। वहां उन्हें पूरी गोलियां खिलाने के बाद आधी बची रोटी को प्रभावित कर दें। ध्यान रखें जहां मछलियां हों उधर ही रोटी डालें। ऐसा आपको 40 दिन तक लगातार करना है।

नौकरी के इंटरव्यू के लिए जा रहे हैं तो आप लाल रंग के कपड़े पहनें या लाल रुमाल अपने साथ जरूर रखें। ये ऊर्जा का संकेत देती हैं और जब लाल रंग साथ होता है तो सामने वाले को भी आपके अंदर एक ऊर्जा नजर आती है।

जब भी आप घर से बाहर किसी काम की तलाश या इंटरव्यू को जाते हैं अपने साथ शमी की पत्तियों को साथ ले जाएं। ये आपके ग्रहों को अनुकूल बना कर बुरे ग्रहों के प्रभाव को खत्म करने का काम करती हैं। याद रखें ये आपके पॉकिट या रुमाल में शरीर से टच करती हुई होनी चाहिए।

किसी भी सोमवार की रात लेकिन 12 बजे से पहले एक बड़ा दागरहित नींबू लें और उसे अपने ऊपर से सात बार उतार कर चार हिस्सों में काट लें। अब रात में ही इस कटे नींबू को किसी चौराहे पर ले जा कर चार दिशाओं में जितनी दूर तक फेंक सकते हैं फेंक दें।

बाजार जा कर एक बंद ताला देखें और उसे खरीदें। याद रखें इस ताले को खोल कर चेक नहीं करना है। बस ये बंद ही होना चाहिए। अब घर ला कर आप इसे ऐसी जगह रखें जहां आपका स्टोर रूम हो।

इस मंत्र का जाप करते हुए घर से निकलें

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

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