बांग्लादेश : मदरसा प्रमुख के बेटे के निष्कासन की मांग को लेक
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बांग्लादेश : मदरसा प्रमुख के बेटे के निष्कासन की मांग को लेक

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बांग्लादेश : मदरसा प्रमुख के बेटे के निष्कासन की मांग को लेकर प्रदर्शन

  

ढाका : बांग्लादेश में हजारों छात्रों ने मदरसा के प्रमुख (अमीर) और हिफाजत-ए-इस्लामी के प्रमुख अहमद शफी के बेटे अनस मदानी को चटगांव के हथजरी दारुल उलूम मुईनुल इस्लाम मदरसा से निष्कासित करने की मांग को लेकर धरना दिया। छात्रों ने शफी को मदरसे के प्रमुख के तौर पर हटाने की भी मांग की।

विभिन्न बीमारियों से पीड़ित शफी (103) को लेकर विरोध बुधवार को जौहर की नमाज के बाद शुरू हुआ। छात्रों ने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने मौलाना अनस मदानी के कारण 11 शिक्षकों और अधिकारियों को बिना किसी कारण के बर्खास्त कर दिया। पता चला है कि शफी अपने बुढ़ापे के कारण लंबे समय से मदरसे की देखरेख करने में असमर्थ हैं।

हथजरी पुलिस थाना प्रभारी और उपजिला निर्बही अधिकारी की टिप्पणियां इस मामले में नहीं मिल सकीं।

विरोध के दौरान अनस मदानी पर हथजरी मदरसा, हेफजात-ए-इस्लाम और कौमी मदरसा बोर्ड (बीईएफएसी) को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया गया।

हिफाजत-ए-इस्लाम प्रमुख शफी जनवरी 2019 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि लड़कियों को पढ़ाई करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा था कि वे वादा करें कि वे रोजाना नमाज पढ़ेंगे और लड़कियों को हिजाब पहनाएंगे।

एक ऑडियो में हिफाजत प्रमुख ने कहा था कि माता-पिता अपनी बेटियों को पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ाएं ताकि वे अपने पति के पैसे पर नजर रख सकें और उन्हें चिट्ठी लिख सकें।

बता दें कि शफी को उनकी आलोचनात्मक टिप्पणियों के लिए उन्हें टेंटुल हुजूर (इमली मुल्ला) कहा जाता है क्योंकि उन्होंने एक बार टेंटुल (इमली) की तुलना महिलाओं से करते हुए कहा था कि वे भी पुरुषों के मुंह में पानी ला देती हैं।

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